जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल ने ट्रेनों में बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग (ACP) करने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनावश्यक रूप से चेन खींचना न केवल साथी यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बनता है, बल्कि इससे ट्रेनों के परिचालन में भी भारी व्यवधान उत्पन्न होता है ।
3 महीने में 245 गिरफ्तारियां, रेलवे सख्त
चक्रधरपुर मंडल द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों (जनवरी से मार्च) के भीतर ही चेन पुलिंग के दुरुपयोग के 267 मामले दर्ज किए गए हैं । रेलवे की त्वरित कार्रवाई के तहत इस अवधि में अब तक 245 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है । ये आंकड़े दर्शाते हैं कि रेलवे प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से ले रहा है ।
कानूनी प्रावधान: भारी जुर्माना और जेल
रेलवे ने यात्रियों को सचेत किया है कि अनाधिकृत रूप से चेन खींचना भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत एक संज्ञेय अपराध है । इसके दोषी पाए जाने पर निम्नलिखित सजा हो सकती है:
जुर्माना: ₹1000 तक का आर्थिक दंड ।
कारावास: एक वर्ष तक की जेल की सजा ।
दोनों: कुछ मामलों में जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है ।
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कब खींच सकते हैं अलार्म चेन?
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अलार्म चेन की सुविधा केवल वास्तविक आपात स्थितियों के लिए दी गई है । यात्री केवल इन परिस्थितियों में इसका उपयोग करें:
चिकित्सीय आपातकाल: जब किसी यात्री को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो ।
आग लगने की स्थिति: यदि ट्रेन के डिब्बे में आग लग गई हो ।
सुरक्षा खतरा: यदि किसी यात्री की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया हो ।
चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें और सुरक्षित, समयबद्ध व आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने में रेलवे का सहयोग करें ।



