
RANCHI


हेमंत सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के द्वारा 2021-22 का वार्षिक बजट पेश किया गया।जिस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पूर्व विधायक कुणाल सारंगी ने भाजपा हजारीबाग जिला मुख्यालय अटल भवन में प्रेस को संबोधित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने की जिसमें मीडया प्रभारी रौशन कुमार एवं सोशल मीडिया प्रभारी विक्की शर्मा उपस्थित थे।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राज्यसरकार के बजट को विफल बताया उन्होंने कहा यह बजट ‘outcome budget’ नही ‘renaming budget’ होना चाहिए। झारखंड की जनता के साथ छलावा का बजट है क्योंकी भाजपा की पूर्व सरकार के द्वारा पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर ही चलाया जा रहा है।स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह सरकार बिलकुल विफल रही है 300 एम बी बी एस की सीटें खोई है क्योंकि हज़ारीबाग़ पलामू देवघर के मेडिकल कॉलेजों में इस वर्ष कोई नामांकन नहीं होंना दुर्भाग्यपूर्ण जो राज्यसरकार की विफलता का परिचायक है तथा बजट में भी इसका प्रावधान नही है।कोरोनो के टीकाकरण को लेकर भी सरकार के तरफ से कोई तैयारी नही है प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर्स पर डाख्टरो की संख्या बढाने को लेकर इसकी जमीनी स्तर तक कोई तैयारी नही है।आज कोरोनो काल के दौरान पलायन किए प्रवासीयो को राज्यसरकार ने सभी को मजदूर कहकर संबोधित किया जो कि सरकार की निम्न स्तरीय सोच को दर्शाता है यहाँ तक कि पलायन किये हुए लोगो के लिए कोई रोज़गार की व्यवस्था नही की गई और न ही बजट में इसके लिए कोई समुचित प्रावधान किया गया है।इस बजट में बेरोजगार युवाओं के लिए कोई चर्चा भी नही की गई जबकि चुनावी घोषणा पत्र में 5 लाख नौकरी एवं बेरोजगारी भत्ता देने की बात की गई थी जिसकी चर्चा बजट में नही जो कि युवाओं के साथ भद्दा मजाक है जो सरकार ने किया है।इतना ही नही अब राज्यसरकार ने फैसला किया है कि ड्रॉप आउट रौकने के लिए बालिकाओं के लिये वो साइकिल खुद ख़रीदेगी जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही 3 लाख की आवादी पर महिला थाना खोलने की बात की गई थी जिसके बारे में बजट में कोई लेखा जोखा नही है जिबरी महिलाओ कै खिलाफ अत्याचार की घटनाओं मे राजाय पूरे देश मे अव्वल हो रहा है। प्रधानमंत्री आयुषमान योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुषमान योजना रख दिया गया है जो कि गलत परम्परा की शुरूआत होगी।राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य सरकार की तरफ़ से केंद्र की योजना मे क्याजोडा जा रहा है या राशि बढाई जा रही है जो कि नाम बदलने की कवायद चल रही है? इस बजट में खनिज कॉरिडोर बनाने की बात कही गई है जबकि यहाँ मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि पर उन्ही के पार्टी के विधायक कोयला तस्करी के आरोप लगा रहे हैं।पूर्व की रघुवर सरकार के द्वारा नक्सल एवं उग्रवाद पर काबू पाया गया था जबकि वर्तमान बजट में नक्सली गतिविधियों की कोई रोक थाम हेतु कोई योजना नही बनाई गई है।अंततः कुल मिलाकर अंत मे यह बजट
गरीब,मजदूर,युवा,महिला,बेरोजगार,किशान विरोधी एवं धोखे का बजट है।

