
जमशेदपुर, । साइबर अपराध के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई को लेकर सोमवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. एहतशाम वकारिब ने अपने कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में साइबर क्राइम थाना में लंबित कांडों की स्थिति की समीक्षा करते हुए थाना प्रभारी और अनुसंधानकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन पर जोर
समीक्षा के दौरान एसएसपी डॉ. एहतशाम वकारिब ने लंबित साइबर अपराध मामलों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक मामले में साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की जांच में उपलब्ध साइबर और तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, ताकि मामलों के अनुसंधान को आगे बढ़ाने और लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी लाई जा सके।
बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जांच के निर्देश
एसएसपी ने निर्देश दिया कि साइबर अपराध से संबंधित शिकायत मिलने के बाद पुलिस स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, डिजिटल माध्यमों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया।
उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराधियों की पहचान करने और उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों से मामलों की जांच में तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
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साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से साइबर ठगी के मामलों में सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी तरह की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की सूचना जल्द मिलने पर संबंधित लेनदेन और खातों की जांच के लिए समय पर कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए किसी भी वित्तीय साइबर फ्रॉड के बाद देरी न करने और तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने पर जोर दिया गया है।


