रामगढ़. झारखंड में ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण को लेकर रामगढ़ जिला इन दिनों मिसाल बनता नजर आ रहा है. रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने एक वर्ष के भीतर ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कर नई दिशा दी है. जिला प्रशासन ने पहली बार रामगढ़ उपायुक्त कार्यालय में एक ट्रांसजेंडर महिला की नियुक्ति की है, जो सामाजिक समावेशन की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इसके साथ ही जिला मुख्यालय परिसर में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अलग शौचालय का निर्माण भी कराया गया है. छोटे जिले में इस प्रकार की पहल को लेकर समुदाय में विशेष उत्साह और गर्व का माहौल है. ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की सदस्य एवं उत्थान संस्था की सचिव अमरजीत ने बताया कि वे वर्ष 2015 से रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए कार्यरत हैं और विभिन्न स्तरों पर पत्राचार भी करती रही हैं. बावजूद इसके, अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ पाए. उन्होंने कहा कि मात्र एक वर्ष के भीतर रामगढ़ डीसी द्वारा किए गए कार्य सराहनीय हैं और इससे समुदाय को सम्मान और पहचान मिली है. ट्रांसजेंडर समुदाय ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक न्याय की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है. विशेष बात यह है कि उपायुक्त स्वयं ट्रांसजेंडर समुदाय के घर जाकर उनसे मुलाकात करते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं और समाधान का आश्वासन देते हैं. प्रशासन की यह संवेदनशीलता समाज में समानता और समावेशन के संदेश को मजबूत करती है. रामगढ़ की यह पहल न केवल झारखंड बल्कि पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन सकती है.




