जाति प्रमाण बनाने की बाधाओं को दूर करने का होगा प्रयास
सरायकेला खरसावां। जिला रजक समाज एवं संत श्री गाडगे जागृति मंच ने आदित्यपुर में धोबी घाट के शीघ्र निर्माण के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। यह कहना है रजक समाज की कर्ताधर्ता एवं संत श्री गाडगे जागृति मंच की मुख्य संरक्षक एवं राजद झारखंड प्रदेश नेता श्रीमती शारदा देवी का। वे आदित्यपुर स्थित जयप्रकाश उद्यान में समाज एवं मंच की ओर से आयोजित संत श्री गाडगे जयंती पारिवारिक मिलन समारोह में बोल रही थी। इस दौरान श्रीमती शारदा देवी ने यह भी कहा कि सरायकेला जिले में समाज के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है। इस पर भी एक रणनीति के तहत एकजुट होकर कार्य किया जाएगा, ताकि समाज के लोगों का जाति प्रमाण पत्र बनाने का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने इस मौके पर समाज की एकजुटता, शिक्षा, जागरूकता एवं संघर्ष पर बल दिया।
सामाजिक विकास के लिए फंड इकट्ठा करने पर जोर
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खूंटी के डीएसपी किशोर रजक उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एवं संत श्री गाडगे बाबा के आदर्शों पर चलकर ही देश, समाज और राज्य का विकास होगा। उन्होंने समाज से दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को मिटाने पर बल दिया। वहीं डीएसपी किशोर रजक ने कहा कि कई लोग पढ़ लिख कर किसी ऊंचे ओहदे पर जाने के बाद अपने आप को समाज से किनारा कर लेते हैं। य किसी भी समाज की दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने समाज के लोगों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हमें संगठित रहकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करना चाहिए। तभी हम पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने समाज के समुचित विकास के लिए सक्षम लोगों को आगे आने को कहा ताकि एक फंड इकट्ठा किया जा सके,जिससे समाज के हर वर्ग के लोगों को शिक्षा, चिकित्सा समेत अन्य क्षेत्रों में सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवियों ने छात्रों को दिए कई टिप्स
समारोह में रजक समाज के कई शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवी उपस्थित थे। उन्होंने छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए, साथ ही उनका मनोबल भी बढ़ाया। इनमें आईआईटी एवं मेडिकल की तैयारी कराने वाले इंजीनियर सूरज रजक, इंजीनियर अशोक कुमार, एमजीएम अस्पताल के चिकित्सक डॉ अजय राज, जानेमाने चिकित्सक डॉ राजेंद्र प्रसाद, हरिनंदन रजक, भोला रजक, उपेंद्र रजक, राजू रजक, अरुण चौधरी, राकेश रजक, आरसी प्रसाद, धनंजय बैठा, बोधी रजक, चंद्रशेखर रजक, विमल रजक, बसंत रजक एवं राकेश साव प्रमुख रहें, जिनके विचारों से समाज के छात्र उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुएं।इन शिक्षाविदों एवं बुद्धिजीवियों ने छात्रों को जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता का भी एलान किया।
इन्होंने निभाई सक्रिय भूमिका-
समारोह को सफल बनाने में रजक समाज के एवं संत श्री गाडगे जागृति मंच के सीताराम रजक, रामलखन रजक, वासुदेव रजक, डीआर बैठा, संदेश रजक, सोनू रजक, पिंटू रजक,रवि रजक, प्रमोद रजक, रामबली बैठा, जीतू रजक, लाल रजक, पप्पू रजक, रंजीत रजक समेत अन्य लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।



