

सरयू राय के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ
जमशेदपुर।
सडक दूर्घटना मे घायल युवक की मौत हो जाने के बाद मृतक के परिजनो के द्वारा बिल के भुगतान नही किया जाने पर अस्पताल प्रबंधन के द्वारा शव नही दिये जाने पर बस्तीवासियो ने टी एम एच अस्पताल मे जमकर हंगामा किया।बाद मे बस्ती वासियो ने इस मामले की जानकारी मंत्री सरयु राय को दी। सरयु राय ने हस्तक्षेप करते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा पिड़ीत परिजनो को शव दिया गया।
इस सर्दभ में बताया जाता है कि बीते 23 अक्टुबर को कदमा, मेरिन ड्राईव में जयप्रकाशनगर, शास्त्रीनगर, ब्लॉक नं. 5, कदमा के रहने वाले दो युवक का मेरिन ड्राईव, घोड़ा चौक के पास सड़क दुर्घटना मे घायल हो गये थे । इस दौरान मौके पर कृष्णा मछुआ नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी एवं बासुदेव कालिन्दी गंभीर रूप से घायल हो गया था,। जिनका ईलाज टी.एम.एच अस्पताल में चल रहा था। 2 नवबंर को बासुदेव कालिन्दी की मौत हो गई। बासुदेव कालिन्दी की परिवार काफी निर्धन है। अस्पताल का कुल बिल 72,000 रू० बाकी होने कारण अस्पताल प्रबंधन मृतक के परिजनों को पार्थिव शरीर को नहीं दे रहे थे। जिससे भारी संख्या में बस्तीवासियों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया एवं पार्थिव शरीर को देने की मांग करने लगे। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता राजु कुमार के द्वारा ने इसकी सूचना कदमा मंडल अध्यक्ष दीपु सिंह एवं उलीडीह मंडल अध्यक्ष नीरज सिंह को दिया गया। दोनों मंडल अध्यक्ष ने इसकी जानकारी मंत्री सरयू राय को वास्तुस्थिति से अवगत कराया। सरयू राय ने तत्काल अस्पताल प्रबंधन से ईलाज शुल्क माफ करने एवं पार्थिव शरीर को मृतक के परिजनों को सौंपने का निर्देश दिया। अस्पताल प्रबंधन के सिक्युरिटी चीफ पी. एन. शर्मा ने इसकी जानकारी मंडल अध्यक्षों को दी एवं त्वरित पार्थिव शरीर को मृतक के परिजनों को सौंपा। मौके पर उपस्थित भाजपा कार्यकर्ता गोविन्दा दास, गोपाल कुमार, कालु दास, जयदेव कालिन्दी, करमु मछुआ, मनोज कुमार, बजरंगी झा, रामचन्द्र यादव एवं बस्तीवासी उपस्थित थे।

