
सोमनाथ (Somnath): प्रधानमंत्री ने गुजरात के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का विशेष दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद खास और ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के गौरवशाली 75 वर्षों के पूरा होने के अवसर पर हुआ है।
भारत की सभ्यतागत यात्रा का बड़ा ‘मील का पत्थर’
मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ को एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंदिर के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं था, बल्कि यह भारत की सभ्यतागत यात्रा (Civilizational Journey) में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विदेशी आक्रांताओं के अनगिनत और क्रूर हमलों के बावजूद, यह मंदिर भारत की अजेय भावना, अटूट आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सबसे बड़ा जीवंत प्रतीक है।
सरदार पटेल के लौह संकल्प को किया याद
इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया और उनके दृढ़ संकल्प को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के तुरंत बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जो संकल्प सरदार पटेल ने लिया था, उसी की बदौलत आज यह भव्य मंदिर पूरी दुनिया के सनातनियों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। वर्ष 1951 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस नवनिर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की थी, और आज 75 वर्ष बाद यह हमारी सांस्कृतिक एकजुटता का सशक्त प्रमाण है।
विरासत और विकास से सशक्त होगा ‘विकसित भारत’
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य तभी मजबूत होता है, जब वह अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ा रहे। आज जब भारत ‘विकसित भारत 2047’ के बड़े लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है, तो सोमनाथ जैसे आस्था के प्राचीन केंद्र हमें हमारी प्राचीन गरिमा और नैतिक मूल्यों की याद दिलाते हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहरों पर गर्व करें।
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं की हुई समीक्षा
मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर भव्य तैयारियां की गई थीं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों के साथ विकास कार्यों और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को लेकर एक समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने मंदिर परिसर को और अधिक आधुनिक, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक दिव्य, भव्य और सुरक्षित अनुभव प्राप्त हो सके।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर कई पोस्ट की एक श्रृंखला में लिखा:
“जय सोमनाथ! यहां आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, क्योंकि हम पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने का समारोह मना रहे हैं।”


