
जमशेदपुर।
आगामी मानसून को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल (CKP Division) ने अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर तेज कर दी हैं। बारिश के मौसम में ट्रेनों का सुरक्षित, सुचारू और बाधारहित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में मंडल के विभिन्न रेल खंडों पर ‘मानसून प्रिपेयर्डनेस ड्राइव’ (Monsoon Preparedness Drive) चलाया जा रहा है, जिसके तहत फील्ड टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।

रेलवे द्वारा मिली जानकारी अनूसार, चक्रधरपुर डिवीजन में जल निकासी (Drainage) की सफाई और ट्रैक के आसपास की तैयारियों को सघन रूप से अंजाम दिया जा रहा है।
संवेदनशील स्थानों पर किया जा रहा है विशेष फोकस
मानसून के दौरान अक्सर भारी बारिश के कारण पटरियों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता है। इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे की फील्ड टीमें उन संवेदनशील स्थानों (Vulnerable locations) पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जहां जलजमाव का खतरा सबसे अधिक रहता है। सुरक्षा, तत्परता और ड्रेनेज की मजबूती (Safety, Preparedness, Drainage Readiness) को इस अभियान का मूल मंत्र बनाया गया है।
मानसून पूर्व तैयारियों के 5 प्रमुख कदम
मंडल द्वारा सुरक्षित परिचालन के लिए जमीनी स्तर पर निम्नलिखित 5 प्रमुख कार्य किए जा रहे हैं:
नालियों की सफाई और सिल्टिंग (Cleaning and desilting): ट्रैक के दोनों ओर बनी साइड नालियों (Side drains) की सघन सफाई की जा रही है और उनमें जमा गाद (Desilting) को निकाला जा रहा है।
पानी के सुचारू बहाव की व्यवस्था: बारिश के पानी के निर्बाध बहाव के लिए ‘कैच वाटर ड्रेन’ (Catch water drains) को पूरी तरह से साफ किया जा रहा है, ताकि पटरियों पर पानी न रुके।
वनस्पतियों और रुकावटों को हटाना: पटरियों और नालियों के आसपास उग आई जंगली घास, झाड़ियों (Vegetation), गाद (Silt) और पानी का रास्ता रोकने वाली अन्य सभी रुकावटों को जड़ से हटाया जा रहा है।
संवेदनशील ट्रैक्स पर कार्य: उन ट्रैक लोकेशंस पर विशेष कार्यबल लगाया गया है, जो पूर्व के वर्षों में जलभराव के प्रति संवेदनशील (Vulnerable) रहे हैं।
ड्रेनेज सिस्टम की बेहतर तत्परता: सुरक्षित मानसून परिचालन के लिए संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था (Drainage readiness) को उन्नत और मजबूत किया जा रहा है।
रेल मंडल के इस ‘मानसून पूर्व तैयारी अभियान’ से यह सुनिश्चित होगा कि भारी बारिश के दौरान भी यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और मालगाड़ियों तथा यात्री ट्रेनों का परिचालन बिना किसी देरी के सुरक्षित रूप से जारी रहे।


