
9 बटालियन एनडीआरएफ द्वारा अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। आपदा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सदैव तत्पर व तैयार रहने वाले 9 बटालियन एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने इस विशेष दिवस पर अपने परिवार के महिलाओं को जीवन रक्षक तकनीक तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का सराहनीय प्रयास किया।


अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनडीआरएफ कैम्पस बिहटा तथा दानापुर (पटना) में स्थित रिज़र्व बैंक ऑफ इण्डिया स्टाफ क्वार्टर में आयोजित कार्यक्रम में एनडीआरएफ मेडिकल टीम द्वारा बल की उपस्थिति सभी महिलाओं तथा बच्चों को कोरोना वायरस से बचाव हेतु अपनाये जाने वाले सुरक्षात्मक उपायों के बारे में जानकारियाँ दी गई। साथ ही, एनडीआरएफ मेडिकल टीम द्वारा मेडिकल कैम्प लगाकर उपस्थित सभी महिलाओं तथा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण टिप्स बताया गया।
कार्यक्रम के आखिर में एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने उपस्थित महिलाओं तथा बच्चों को जीवन रक्षक तकनीक जैसे- रक्तस्राव नियंत्रण, ह्रदयाघात होने पर सीपीआर तकनीक, चोकिंग से निपटना, घरों में रखे जाने वाले आपदा प्रबंधन किट, अग्नि सुरक्षा आदि के बारे में जानकारियाँ लेक्चर तथा डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिया तथा इसका अभ्यास भी करवाया।
9 बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट श्री विजय सिन्हा ने बताया कि एक जागृत महिला न केवल अपने जीवन को विकसित करती है बल्कि अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण और संस्कारित करती है। आज महिलाओं ने घर से बाहर निकलकर हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। साथ ही, सक्षम बनकर अपने घर व कार्यक्षेत्र की हर जिम्मेदारी का अच्छे से निर्वहन कर रही है। आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु भी आवश्यक है कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए।

