
पलामू: झारखंड के पलामू जिले में शिक्षा की गुणवत्ता (Quality Education) को बेहतर बनाने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। पलामू के उपायुक्त (DC) ने समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
सरकारी योजनाओं की हुई समीक्षा: छात्रवृत्ति और पोशाक वितरण पर जोर
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बैठक के दौरान उपायुक्त ने सरकारी स्कूलों में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति (Scholarship), मुफ्त पोशाक (School Uniform) और पाठ्यपुस्तक वितरण (Textbook Distribution) की स्थिति की जानकारी ली। DC ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी योग्य छात्र इन योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही, मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता बनाए रखने के भी सख्त निर्देश दिए गए।
डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट क्लास को बढ़ावा
पलामू के सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने की दिशा में डिजिटल शिक्षा (Digital Education) और स्मार्ट क्लास (Smart Classes) के संचालन पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि वे निजी स्कूलों के बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। प्रत्येक विद्यालय में बच्चों के नामांकन (School Enrollment) की स्थिति को भी जांचा गया।
ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट रोकने के निर्देश
बड़ी बात: जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पलामू में ‘जीरो ड्रॉपआउट’ के लक्ष्य को हासिल करना है।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल (e-Vidyavahini Portal) पर छात्रों और शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिया कि पोर्टल पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाई जाए। इसके अलावा, जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं (Dropout Students), उनकी पहचान के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि उन्हें दोबारा मुख्यधारा से जोड़कर विद्यालय में नामांकित किया जा सके। लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को चिन्हित कर उनकी विशेष निगरानी (Special Monitoring) करने को कहा गया है।
अधिकारियों को नियमित स्कूल निरीक्षण के आदेश
शिक्षा व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण (School Inspection) करेंगे। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि पलामू का हर बच्चा स्कूल जाए और उसे बेहतर भविष्य मिले।


