
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार को IndiaSpark द्वारा प्रतिष्ठित “फेस ऑफ इंडिया – 2026” (Face of India – 2026) सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें यह पुरस्कार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उनके दूरदर्शी नेतृत्व, शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। इस सम्मान से न सिर्फ NIT जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड का नाम रोशन हुआ है।
एक फाउंड्री इंजीनियर से NIT डायरेक्टर बनने का प्रेरणादायी सफर
प्रो. गौतम सुत्रधार की यह यात्रा बेहद प्रेरणादायी रही है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक फाउंड्री इंजीनियर के रूप में की थी और अपनी कड़ी मेहनत व विजन की बदौलत देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। वे देश के एक जाने-माने शिक्षाविद्, शोधकर्ता और कुशल संस्थान निर्माता हैं। प्रो. सुत्रधार इससे पहले NIT मणिपुर, NIAMT रांची (पूर्व में NIFFT), जादवपुर विश्वविद्यालय, हिंदुस्तान मोटर्स और भारतीय रेल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं।
प्रो. गौतम सुत्रधार के नेतृत्व में NIT जमशेदपुर का कायाकल्प
जब से प्रो. गौतम सुत्रधार ने NIT जमशेदपुर की कमान संभाली है, संस्थान ने शैक्षणिक गुणवत्ता, रिसर्च, इनोवेशन, और इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट कोलाबोरेशन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उनका मुख्य फोकस एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रामीण व छोटे शहरों से आने वाले प्रतिभावान छात्रों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने पर रहा है।
इंडियास्पार्क ने प्रो. सुत्रधार को सम्मानित करते हुए कहा:
“वे एक दृढ़ नेतृत्वकर्ता, विनम्र व्यक्तित्व के धनी और विद्यार्थियों के मार्ग को आलोकित करने वाली एक सच्ची प्रेरक शक्ति हैं।”
“सिर्फ भारत से जुड़िए नहीं, भारत का निर्माण कीजिए”
युवाओं को प्रेरित करते हुए प्रो. सुत्रधार हमेशा एक मंत्र देते हैं— “सिर्फ भारत से जुड़िए नहीं, बल्कि भारत का निर्माण कीजिए।” उनका यह संदेश युवाओं के प्रति उनके समर्पण और देश को आत्मनिर्भर बनाने की उनकी सोच को दर्शाता है।
अकादमिक क्षेत्र की बात करें तो प्रो. सुत्रधार ने अब तक 125 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं, कई किताबें लिखी हैं और अनेक शोधार्थियों (Ph.D. Scholars) का मार्गदर्शन किया है। इसके साथ ही उनके नाम कई पेटेंट भी दर्ज हैं। वे BIS, NBA, AICTE और CII जैसे देश के बड़े शैक्षणिक और व्यावसायिक निकायों में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरे NIT जमशेदपुर परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।


