
जमशेदपुर।।

टाटा मोटर्स के दिवंगत बाईसिक्स कर्मी आलोक रंजन की विधवा नीतू सिंह ने टाटा मोटर्स कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उनके समर्थन और न्याय दिलाने वालों को डराया जा रहा है। धनबल और बाहुबल से लोगों को ख़रीदने की ताबड़तोड़ कोशिशें हो रही है ताकि किसी तरह अभियुक्तों की अग्रिम जमानत हो जाये। इस मामले में पूर्वी के विधायक समर्थकों द्वारा किये जा रहे सोशल मीडिया पर अपमानजनक बयान पर भी नीतू सिंह ने गहरा दुःख जताया। कहा कि खुद को कथित रूप से विधायक का समर्थक बताने वाले अमित शर्मा, ऋषि पांडेय, राकेश सिंह सहित अन्य सोशल मीडिया पर उन्हें गलत बताकर चरित्र हनन और मीडिया ट्रायल कर रहे हैं। विधवा ने कहा कि मंगलवार को धरना में समर्थन देने के लिए शामिल हुई किन्नरों में से कईयों को पैसे देकर बयान बदलने का दबाव बनाया गया है। कईयों को डराया गया है।
आरोप लगाया कि टाटा मोटर्स के सुरक्षा अधिकारी विशाल सिंह, रजत सिंह के अलावे रामनारायण शर्मा, अमित शर्मा, ऋषि पांडेय और गुरमीत सिंह तोते के बेटों द्वारा किन्नरों पर बयान से पलटने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का दबाव बनाया गया। इस मामले में सिटी एसपी से जाँच की माँग की गयी। कहा कि किन्नरों से पूछताछ होनी चाहिए कि किनके दबाव में 12 घँटों के अंदर ही बयान से पलटने की मज़बूरी आन पड़ी। हालांकि नीतू सिंह ने मंगलवार को धरना में स्वेच्छा से शामिल हुई किन्नरों के सम्मान करते हुए उनके प्रति आभार जताया। मुश्किल समय में न्याय दिलाने वाले सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को टेल्को पुलिस के सहारे झूठे मुकद्दमों में बेवजह फँसाया जा रहा है। नीतू ने कहा कि पानी सिर से ऊपर हो जाये और वे अपनी जीवन को लेकर कोई कठोर निर्णय उठाएं उससे पहले शुक्रवार तक अभियुक्तों की गिरफ्तारी और उन्हें कंपनी से निष्कासित किया जाये।

