
जमशेदपुर: पूर्व तटीय क्षेत्रों (East Coast Regions) में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भारतीय रेलवे (Indian Railways) हाई अलर्ट मोड पर आ गई है। खराब मौसम और जलभराव का सीधा असर ट्रेनों की रफ्तार और यात्रियों की सुरक्षा पर न पड़े, इसके लिए खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार, 17 अगस्त 2026 को रेल मंत्री ने बारिश के हालात और रेलवे संचालन की एक उच्च स्तरीय और विस्तृत समीक्षा (Review) की। इस दौरान उन्होंने दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway – SER) के महाप्रबंधक (GM) को ट्रेनों के सुचारू परिचालन के संबंध में बेहद सख्त और अहम निर्देश जारी किए हैं।
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जलभराव वाले इलाकों पर कड़ी निगरानी के निर्देश
17 अगस्त 2026 को दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेल मंत्री ने GM और वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष हिदायतें दी हैं।
कड़ी नजर: अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे रेलवे ट्रैक के उन सभी सेक्शन (Sections) पर अपनी कड़ी निगरानी रखें जहां बारिश के दौरान जलभराव (waterlogging-prone) की आशंका सबसे अधिक रहती है।
सुरक्षित संचालन: रेल मंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि भारी बारिश के बावजूद ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारू (Smooth Operations) रूप से चलता रहे।
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इन प्रमुख रूट्स पर झोंकी जाएगी पूरी ताकत
यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों की समयबद्धता (Punctuality) सुनिश्चित करने के लिए रेलवे कुछ संवेदनशील और महत्वपूर्ण रूट्स पर अतिरिक्त फोकस कर रहा है।
अतिरिक्त संसाधन: रेल मंत्री ने जोर देकर कहा है कि इन प्रमुख सेक्शन में ट्रेनों का निर्बाध एवं सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा तत्काल अतिरिक्त संसाधन (Additional Resources) और फोर्स तैनात की जाए।
प्रमुख संवेदनशील सेक्शन:
रुप्सा – बारीपदा – बांगरीपोसी (Rupsa – Baripada – Bangriposi) सेक्शन।
राउरकेला – बंडामुंडा (Rourkela – Bondamunda) सेक्शन।

