
पटना।


बिहार राज्य में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की 23 टीमें वर्तमान में राज्य की 14 जिलों में तैनात है। इस समय एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ आपदा में फँसे बीमार लोगों या गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू करके सुरक्षित अस्पताल तक पहुँचाने में मदद कर रही है। गुरुवार को एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने दरभंगा जिलान्तर्गत हनुमान नगर प्रखण्ड में स्थित बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों से 02 प्रसव पीड़ित महिलाओं को रेस्क्यू करके सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने में मदद किया। इसके अलावे समस्तीपुर जिला के सिंघिया प्रखंडतर्गत बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में सिविल मेडिकल टीमों को स्थानीय लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने हेतु उन्हें पहुँचाने में भी एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने मोटर बोट से मदद किया।
बिहटा (पटना) स्थित 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि इस साल सारण, दरभंगा, गोपालगंज तथा पूर्वी चम्पारण जिलों में अब तक बाढ़ आपदा में मुसीबत में फँसी 30 प्रसव पीड़ित महिलाओं को एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने बाढ़ से घिरे उनके गाँवों से निकालकर सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुँचाने में मदद किया है। जबकि पिछले महीने 26 जुलाई को पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिला के बंजरिया प्रखंडतर्गत बाढ़ प्रभावित गाँव गोबरी से प्रसव पीड़ित महिला को अस्पताल पहुँचाने के क्रम में एनडीआरएफ बचावकर्मियों और आशा सेविका के देखरेख में बीच मजधार में ही रेस्क्यू बोट पर सुरक्षित एक बच्ची का जन्म हुआ था। बाद में उन्हें बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचा दिया गया था।
एनडीआरएफ के बचावकर्मियों का मुख्य उद्देश्य मुसीबत में फँसी गर्भवती महिलाओं या अन्य जरूरतमंद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से नजदीकी अस्पताल पहुँचाने का होता है। एनडीआरएफ के बचावकर्मी आपदा रेस्पांस के अन्य तकनीकों के साथ-साथ प्रथम चिकित्सा उपचारक तकनीक में भी प्रशिक्षित होते हैं। उन्हें सुरक्षित प्रसव कराने के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाता है ताकि आपदा में जरूरतमंद को हर संभव मदद किया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों से प्रसव पीड़ित महिलाओं को मोटर बोट से सुरक्षित रेस्क्यू करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। स्थानीय प्रशासन के समन्वय से बाढ़ आपदा में फँसे लोगों को सहायता पहुँचाने में निरन्तर जुटे हमारे एनडीआरएफ के प्रशिक्षित कार्मिक कठिन परिश्रम और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं।

