मुंबई: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित सोने की तस्करी (Gold Smuggling) के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई – DRI) मुंबई ने एक बेहद शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय (सीएसएमआई) हवाई अड्डे पर चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत लगभग 30 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। इस जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत लगभग 38 करोड़ रुपये (सटीक 37.74 करोड़ रुपये) आंकी गई है। इस कार्रवाई में तस्करी में लिप्त 24 विदेशी महिला वाहकों (कैरियर्स) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
नैरोबी से मुंबई पहुंचीं तस्कर, खुफिया सूचना पर बिछाया जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीआरआई के अधिकारियों को अपने विश्वस्त सूत्रों से एक विशिष्ट खुफिया जानकारी (Specific Intelligence) मिली थी कि तस्करों का एक बड़ा समूह हवाई मार्ग से भारी मात्रा में सोने की खेप लेकर भारत आ रहा है। इसी गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, डीआरआई की टीम ने नैरोबी (केन्या) से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरीं महिला यात्रियों के एक विशेष समूह को शक के आधार पर रोका। जब इन विदेशी महिलाओं की सघन जांच शुरू की गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। ये सभी महिलाएं एक संगठित सिंडिकेट के हिस्से के रूप में भारत में बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी करने की फिराक में थीं।
‘ऑपरेशन दहाबू ब्लिट्ज’ में मिला 30 किलो सोना
डीआरआई ने तस्करों के खिलाफ की गई इस पूरी गुप्त और त्वरित कार्रवाई को ‘ऑपरेशन दहाबू ब्लिट्ज’ (Operation Dahabu Blitz) का नाम दिया था। इस बेहद सफल और समन्वित ऑपरेशन के तहत कुल 24 विदेशी नागरिकों (सभी महिलाओं) को पकड़ा गया। गहन तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप, इन महिला यात्रियों के पास से कुल 29.37 किलोग्राम सोना बरामद हुआ। इसमें 25.10 किलोग्राम सोने की छड़ें (Gold Bars) और 4.27 किलोग्राम सोने के भारी आभूषण (Gold Jewelry) शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सोने को सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से छिपाकर लाने के लिए बेहद सुनियोजित तरीकों का इस्तेमाल किया गया था।
देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने वाली साजिश नाकाम
डीआरआई की यह बड़ी कार्रवाई इस बात का स्पष्ट खुलासा करती है कि यह मामला एक ऐसे बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ा है, जो एयरपोर्ट की सुरक्षा और कस्टम से बचने के लिए पेशेवर और प्रशिक्षित वाहकों (Trained Carriers) का इस्तेमाल करता है। इस तरह के संगठित नेटवर्क देश की आर्थिक और राजकोषीय व्यवस्था को कमजोर करने का काम करते हैं और सीधे तौर पर राष्ट्रीय हितों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करते हैं।
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने इस सफल ऑपरेशन के बाद यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे किसी भी सोने की तस्करी करने वाले नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ कर गिरोह के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा रहा है।




