
अजय धारी सिंह
मधुबनी: पूर्व पत्रकार, जे० एन० कॉलेज के राजनीतिशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष, मैथिली साहित्यकार एवं रंगकर्मी प्रो० योगानन्द सिंह झा “सुधीर” का निधन रविवार को संध्या करीब 4 बजे हुआ. डॉ० योगानंद सिंह झा (78) बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था. उनका निधन रविवार को तकरीबन 4 बजे मधुबनी के निजी नर्सिंग होम में हुआ.
दरभंगा जिला के मनीगाछी थाना क्षेत्र के ग्राम चनौर डयोढ़ी में स्वर्गीय वेदानंद सिंह झा के सुपुत्र योगानंद सिंह झा का जन्म 15 जुलाई 1943 को हुआ. उनका प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश में बलौर उच्च विद्यालय से हुआ. मैट्रिक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के बाद 1960ई० में उनका नामांकन पटना कॉलेज पटना में कला संकाय में हुआ. 1966ई० में पटना कॉलेज से राजनीति विज्ञान विभाग में स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण किया और उन्हें 1967ई० में महिला कॉलेज कटिहार में प्राध्यापक के पद पर अस्थाई नौकरी मिली. 1969ई० में जे०एन० कॉलेज मधुबनी में उन्होंने प्राध्यापक पद पर योगदान दिया. वहीं से 2006ई० में सेवानिवृत्त हुए. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ल.ना. मिथिला विश्वविद्यालय से प्रो. उषाकर झा के निर्देशन में ‘रिपब्लिक इन एंसीएन्ट इंडिया’ पर शोध कार्य किया एवं पीएच.डी की उपाधि हासिल की.
छात्र जीवन से ही डॉक्टर झा को नाट्य विधा में नाट्य लेखन एवं नाट्य मंचन का शौख रहा था. वे एक अच्छे नाट्य मंच के कलाकार भी रहे हैं. पटना विश्वविद्यालय एवं मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा उन्हें नाट्य मंचन में स्वर्ण पदक दिया गया था. डॉक्टर योगानंद सिंह झा का साहित्यिक नाम योगानंद सुधीर था. अपने विषय राजनीति विज्ञान के साथ साथ हिंदी, मैथिली एवं अंग्रेजी भाषा पर उनकी पकड़ हमेशा बनी रही. वर्ष 2005 में उन्होंने ग्रीक दार्शनिक प्लेटो की पुस्तक रिपब्लिक का हिंदी में ‘गणराज्य’ के नाम से अनुवाद किया. दिल्ली से शिप्रा पब्लिकेशन ने इसका प्रकाशन किया है. वर्ष 2009 में सरिसव पाही की साहित्यिकी संस्था ने डॉक्टर झा द्वारा महाकवि विद्यापति द्वारा रचित पुरुष परीक्षा पुस्तक का नाट्य रूपांतरण पुस्तक प्रकाशित किया था. बंगाल के प्रसिद्ध साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखी गई विश्व प्रसिद्ध पुस्तक आनंद मठ का मैथिली भाषा में अनुवाद किया, जिसका प्रकाशन कला प्रकाशन ,वाराणसी के द्वारा 2011 में हुआ. सम्प्रति डॉ० योगानंद सिंह झा मधुबनी स्थित अपने निवास पर रहते थे और पठन-पाठन में रत रहते थे.
उनका अंतिम संस्कार सोमवार को उनके पैतृक गाँव दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड के चनौर में किया गया। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए. उनके ज्येष्ठ पुत्र शरद सिंह झा कॉलेज में प्राध्यापक हैं वहीं छोटे पुत्र कार्तिक कुमार झा मधुबनी में पत्रकार हैं। उनके निधन से संपूर्ण साहित्य एवं शिक्षा जगत के साथ-साथ रंगमंच, पत्रकार, राजनीति और कला के सभी लोग गहरी शोक में डूब गए हैं। उनके निधन के बाद विभिन्न पत्रकार संगठनों के वरीय और कनिष्क पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया है।
प्रो० योगानन्द सिंह झा “सुधीर” उर्फ योगा बाबू (15.07.1943 – 17.01.2021)

