जमशेदपुर।
केंद्र और राज्य सरकार जिले को ओडीएफ बनाने में युद्धस्तरीय प्रयासें कर रहे हैं, किंतु कुछ पंचायत प्रतिनिधि इन कवायदों पर पलीता लगा रहे हैं। एक ओर आज जहां हमारा जिला और पूरा प्रदेश ओडीएफ घोषित है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी घोड़ाबाँधा के ग़रीब परिवार आज भी शौच के लिये बाहर जाने को मजबूर है। इस गाँव के पंचायत प्रतिनिधियों ने आजतक यहाँ के ग़रीब वृद्धों और महिलाओं को एक अदद शौचालय से वंचित रखा है।
● दो वर्ष बाद भी शौचालय के स्थान और केवल गड्ढे पश्चिमी घोड़ाबाँधा ग्राम पंचायत में वर्ष 2017 के प्रारम्भ में छह लाख रुपये का आवंटन शौचालय मद में किया गया था। परन्तु जल सहिया ने मुखिया विजय हांसदा के साथ मिलकर सारा का सारा पैसा अपने पति को ही दे डाला जिसका खुलासा उप-मुखिया रविशंकर पाण्डेय द्वारा सूचना अधिकार से प्राप्त सूचना मिलने के बाद किया गया। आज दो वर्ष बाद भी ग्राम पंचायत में शौचालय नदारत है और महिलाये और वृद्ध बाहर जाने को विवश है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने दोषियों पर कार्यवाई की माँग की है।
● प्रखंड विकास पदाधिकारी की जांच में हो चुकी है अनियमितता उजागर :
इस मामले ने जब तूल पकड़ा और ग्रामीणों ने जब मामले की जांच हेतु आन्दोलन और प्रदर्शन की गई तब प्रखंड विकास पदाधिकारी ने स्वयं मामले की जांच की और जांच रिपोर्ट में भारी अनियमितता की बात कही परन्तु कारवाई अबतक ना होने से लोगो में रोष बरकरार है।
● भ्रष्ट मुखिया ने पूरे ग्राम पंचायत को किया नारकीय जीवन बिताने को विवश : भाजपा
इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी प्रारम्भ से ही भ्रष्ट मुखिया,पंचायत सचिव और जल सहिया पर कड़ी कारवाई की मांग कर रहा है, इस मामले में इसी ग्राम पंचायत में रहने वाले नागरिक और भाजपा प्रवक्ता अंकित आनंद का कहना है की “आज शौचालय राशि के गबन के बाद गाँव के बच्चे सड़क किनारे कहीं भी मल त्याग करने को विवश है। बुजुर्ग भी घर के करीब ही मल त्याग किया करते है जिससे पूरे ग्राम पंचायत के लोग नारकीय जीवन व्यतीत करने को विवश है, जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कारवाई करनी चाहिये।”




