
जमशेदपुर 25 अगस्त। ब्रह्मानन्द नारायणा मल्टीस्पेशियालिटी हाॅस्पिटल में 64 साल के पुरुष मरीज पर एक सफल किडनी की पथरी की सर्जरी की गई। जिसमें 4.5 सेमी. गुणा 3.5 सेमी. का पत्थर दाहिने किडनी से निकाला गया और मरीज को नया जीवन मिला। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बांदवान के रहने वाले मरीज को अल्ट्रासाउन्ड के यू बी, यूरिन रुटिन, यूरिन कल्चर एवं अन्य जाँच करने के लिए कहा गया और बाद में उसके दाहिने किडनी में एक बड़ा सा पत्थर 4.5 सेमी. गुणा 3.5 सेमी. का पाया गया। जाँच से पहले मरीज को दर्द का कोई लक्षण नहीं था और उसे डाॅयबिटीज एवं ब्लडप्रेशर का भी रोग नहीं था। इसलिए डाॅक्टरों का रिपोर्ट आने के बाद आश्चर्य हुआ। डा0 चम्पाई सोरेन ने बताया कि ‘‘मरीज ने हमारे स्वास्थ्य जाँच शिविर में भाग लिया था और वहाँ पर उसे हाॅस्पिटल में पूरी तरह से जाँच करने का निर्देश दिया गया था। जाँच करने पर पता चला कि उसके दाहिने किडनी में एक बहुत बड़ा बड़ा पत्थर है जिसे मेडिकल भाषा में ‘‘स्टैग हाॅर्न’’ कहा जाता है। बाद में रोगी को होने वाली गंभीर एवं स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, मैने बिना देरी के सर्जरी के लिए योजना बनाई। और इतने बड़े पत्थर को निकालने के लिए आॅपरेशन में किडनी को पूरी से खोलना पड़ सकता था।’’डाॅ0 चम्पाई सोरेन ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में किडनी के बड़े पत्थर की सर्जरी कम होती है। आॅपरेशन हमारे लिए एक सफलता की कहानी थी। और बाद में मरीज पूरी तरह से ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया।’’ डाॅ0 चम्पाई सोरेन ने आगे कहा कि किडनी की पथरी के मामलों में हल्के पेट एवं कमर दर्द के मामलों में अल्ट्रासाउण्ड स्कैन टेस्ट (यूएसजी) करवाने की सलाह दी जाती है। ताकि छोटे-से भी पथरी का पता लगाया जा सके। ताकि इसका इलाज दवा से या बिना चीर फाड़ के (इनवेसिव तकनीकी) द्वारा छोटे चीरे के माध्यम से या स्टोग्रेड इंट्रारीनल सर्जरी जिसमें फाइबर ओप्टिक एंडोस्कोप की सहायता से किडनी की पथरी को निकाला जाता है।

