राज्य व केन्द्र की कल्याणकारी योजनाओं में आदिवासियों को बनवासी के नाम से संबोधित किए जाने को लेकर जताया विरोध
राज्यपाल के नाम सात सूत्री ज्ञापन सौंपते हुए कानून में संशोधन किए जाने की मांग की
संवाददाता
जमशेदपुरः देश के आदिवासियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में बनवासी शब्दों के प्रयोग किए जाने को लेकर सारना रिलिजियस फाउंडेशन की ओर से आपत्ति जताते हुए बुधवार को राज्य के राज्यपाल के नाम से जिले के उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया. सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से फाउंडेशन के सदस्यों ने मांग की कि केन्द्र व राज्य की सरकारों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं में बनवासी शब्द का प्रयोग न किया जाए. इससे आदिवासियों का अपमान होता है. अन्य भारतियोमं की तरह उनका भी अपना वजूद है. इतना ही नहीं सदस्यों द्वारा बनवासी शब्द का प्रयोग करनेवाली संस्थाओं पर कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की भी मांग उन्होंने राज्यपाल से की. इसके अलावे सदस्यों की ओर से राजयपाल के नाम सात सूत्री ज्ञापन भी सौंपा गया. सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने राज्य के आदिवासियों के लिए कानूनों में संशोधन से लेकर सेना में बहाली एवं अलग रेजिमेंट बनाए जाने की भी मांग की. सारना धर्म कोड लागू करने एवं पेशा एक्ट कानून के तहत लॉ महल की स्थापना किए जाने की भी मांग उन्होंने की. इस दौरान काफी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद थे.
