
तंबाकू निषेध से संबंधित पोस्टर लगाना होगा अनिवार्य


सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध है, धूम्रपान करते पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई
सभी स्कूल के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचना गैरकानूनी है
जमशेदपुर
विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के अवसर पर जिले मे तंबाकू निषेध पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस क्रम में आज उपायुक्त, अमित कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक बैठक संपन्न हुई। उपायुक्त ने सभी विभागीय एवं प्रखंड कार्यालयों को तंबाकू मुक्त परिसर बनाने का निदेश दिया। उपायुक्त द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को जिले के सभी स्कूलों में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान के तहत निबंध, वाद-विवाद, क्विज, चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन करने का निदेश दिया। वहीं जेएसएलपीएस से जुडे स्वंय सहायता समूह के महिलाओं के बीच भी गोष्ठी के माध्यम से तंबाकू का उपयोग नहीं करने के संबंध में जागरूकता अभियान चलाने का निदेश उपायुकत द्वारा दिया गया। वहीं उपायुक्त ने तंबाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का भी निदेश दिया। गौरतलब है कि तंबाकू नियंत्रण अधिनियम(कोटपा) 2013 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर 200रू जुर्माना तक का प्रावधान है। तंबाकू पदार्थों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है। उक्त नियम के उल्लंघन पर 5 साल तक की कैद व 5 हजार रू के जुर्माने का प्रावधान है। 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को तंबाकू पदार्थ बेचना दण्डनीय अपराध है। उच्च न्यायलय के आदेशानुसार अब जिले में तंबाकू बेचने वालों को नगर निकाय से लाईसेंस लेना होगा। तंबाकू बेचने वालों को तंबाकू निषेध से संबंधित पोस्टर लगाना होगा। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला तंबाकू नियंत्रण समिति की नियमित रूप से बैठक करने का निदेश दिया। उपायुक्त ने जिले में सभी स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू के उत्पाद की बिक्री न हो इसको सुनिश्चित कराने का निदेश संधित पदाधिकारियों को दिया। वहीं जिले में ई-सिगरेट पर रोक लगाने हेतु आईटी सेल का सहयोग लेने पर विचार किया गया। अगामी 31 मई को विश्व तंबाकू दिवस के अवसर पर जिले में सामूहिक रूप से तंबाकू के सेवन नही करने का शपथ लिया जाएगा। आज के बैठक में उप-विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त, निदेशक-एनईपी, निदेशक-डीआरडीए, एडीएम लॉ एण्ड ऑर्डर, एसओआर, सिविल सर्जन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

