
जमशेदपुर।

सी एन टी और एस पी टी के मामला राजनितीक के साथ साथ समाजिक लेता नजर आ रहा है। इस मामले को लेकर अब आदिवासी के कई संगठन खुलकर उतार कर आ गए है। कई संगठनो ने तो मुख्यमंत्री का पुतला जला कर विरोध दर्ज करा दिया है।
सोमवार को जमशेदपुर के निर्मल गेस्ट हाउस मे संवाददाता सम्मेलन कर माझी परगाना ने भी अपना विरोध दर्ज करा दिया है। वक्ताओ ने सयुक्त रुप से कहा कि वर्तमान रधुवर सरकार के द्वारा सी एन टी / एस पी टी एक्ट पर बिना आदिवासी समाज के राय लिए संशोधन करने की बात कर रहे है।जो कि मुलवासियो के साथ घोखा है।
वक्ताओ ने कहा कि रघुवर सरकार अगर सी एन टी / एस पी टी एक्ट मे जबरदस्ती संशोधन कराती है तो झारखंड जल उठेगा । पुरा आदिवासी समुदाय एक बार फिर झारखंड से बाहर जाने वाले खनिज संपदा को जाने से रोका जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी वर्तमान सरकार पर होगी।
विधायको को होगा समाजिक बहिष्कार
अगर मुख्यमंत्री का रवैया यही रहा तो आमसभा मे विकास योजनाओ का अनुमोदन करने का बहिष्कार किया जाएगा।इसके अलावे कोल्हान के आदिवासी जो वर्तमान मे आदिवासी परामर्शदातृ परिषद( टी ए सी) के सदस्य जगन्नाथपुर के विधायक गीताकोड़ा, घाटशिला के विधायक लक्ष्मण टुडू,पोटका के विधायक मेनका सरदार और भाजपा के प्रवक्ता सह पूर्व गृह सचिव(झारखंड) जे बी तुबिद ये चार प्रमुख लोग यदि सरकार द्वारा सी एन टी/एस पी टी एक्ट में संशोधन प्रस्ताव के विरुद्ध विधानसभा मे मुखर होकर विरोध नही करते है तो पूरी आदिवासी समाज की ओर से इन लोगो का समाजिक बहिष्कार किया जाएगा। और यही नही आज से कोल्हान के प्रत्येक गांवो के चौक चौराहो मे मुख्यमंत्री रधुवर दास का पूतला जला कर विरोध प्रर्दशन किया जाएगा।
आदिवासी संगठन के सारे लोग एक मंच पर
सोमवार को हुए निर्मल गेस्ट हाउस मे हुए बैठक मे पूर्वी सिहुभूम के धाड़ दिशोम के बेस पारगाना बैजुं मुर्मू, कोल्हान के मानकी मुण्डा व्यवस्था के रामेश जेराई , भुमिज –मुण्डा महासभा सुर्दशन भुमीज , मुलवासी समुदाय के ग्राम प्रधान निखिल मंडल मौजुद थे।

