
जमशेदपुर ।
टाटा स्टील ने सरायकेला मे प्लांट नही लगायेगी इस बात की जानकारी जमशेदपुर के सेंटर फॉर एक्सीलेस मे आयोजित नये वित्तीय वर्ष की शुरुआत के दौरान पत्रकारो से बातचीत मे एम डी टी वी नरेन्द्रन ने दी। उन्होने कहा कि टाटा स्टील ने 2004 मे दो परियोजना थी जिसमे एक जमशेदपुर मे टाटा स्टील का विस्तारी करण और दुसरी योजना सरायकेला जिला के टोटोपोशी मे नये प्लांट का प्रस्ताव था। टाटा स्टील ने अपना जमशेदपुर शहर के प्लांट का विस्तारी करण तो कर दिया लेकिन सरकार के द्वारा माईस नही मिलने के कारण सराय़केला जिला के टोटो पोशी मे अपनी प्लांट लगाने की योजना को फिलहाल टाल दिया ।
जमशेदपुर का टाटा स्टील प्लांट विस्तारीकरण होगा
उन्होने कहा कि टाटा स्टील फिलहाल 10 मिलीयन टन का हो चुका है। इसकी विस्तारी करण की योजना है । और 1 मिलीयन टन का बढाया जाएगा। इस पर क्लीयरंस मिल चुका है। जल्द इस पर कार्य शुरु हो जाएगा। शहर के 15 मिलीयन करने की योजना के बारे ने बताया कि इस पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल हमलोग 10 11 मिलीयन टन पर घ्यान दे रहे है।


चीन के कारण स्टील उधोग मंदी के कगार मे
एम डी ने कहा कि हमारा चैलेज लास्ट एयर बाजार रहा ऐसा बाजार हमलोगो ने कभी नही देखा सरकार से भी हमे सर्पोट मिला। हमलोगों ने चीन का स्टील उघोग का दखल अदाजी पर रोका जाए।इसमे रोक लगाने के लिए सरकार कुछ कारगार कदम उठाया जाए। उऩ्होने कहा कि टाटा ने जमशेदपुर और कालिगनगर मे 40हजार करोड़ इनवेस्ट किया। -लेकिन फिर भी अन्य स्टील कंपनियो से हमारी स्थिती अच्छी है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति मे अन्य सेक्टर मे भी है ।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की स्थिति पहली बार हुआ है ।
सेफ्टी पर ध्यान मै खुद देख रहा हू।
टाटा स्टील प्लांट के अंदर बढ रहे दुर्घटना के सबंध मे उन्होने कहा कि इस मामले मे प्रबंधन काफी गंभीरता से ले रही है। हमारा आने वाले वित्तीय वर्ष का लक्ष्य शुन्य दुर्घटना पर 100 प्रतिशत उत्पादन ।और इस मामले को मै काफी गंभीरता से ले रहा हुँ।
टी एम एच विजनेस के लिए नही चला रहे है।
उन्होने कहा कि शहर मे स्थित टी एम एच एक अच्छा अस्पताल है ये बिजनेस के लिए नही चला रहे है अस्पताल हम अपने कर्मचारी और लोगो की सेवा के लिए चला रहे है।

