एक गुट ने जिला मुख्यालय पर जन समस्याओं को लेकर गाजे-बाजों के साथ प्रदर्शन किया तो दूसरे गुट ने चिंतन शिविर आयोजित कर खुद को बेहतर बताया
पोर्टल रिपोर्टर
जमशेदपुर ।
शहर ही नहीं बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल के कांग्रेसियों की गुटबाजी का नजारा मंगलवार को शहर में देखा गया एक ओर जहां कोल्हान के गुटों में बटें कांग्रेसी वर्चस्व को लेकर शक्ति प्रदर्शन करते देखे गए वहीं दूसरे गुट को चिंतन शिविर करते देखा गया. शक्ति प्रदर्शन पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विजय खां के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय पर किया गया जिसमे प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष आभा सिन्हा, रामाश्रय प्रसाद, बलदेव सिंह, राकेश्वर पाण्डे समेत सैंकड़ो की संख्या में कार्यकर्ताओं ने गाजे- बाजे और नारे लगाकर शक्ति का एहसास विरोधी गुट को कराया. इससे पूर्व कांग्रेसी साकची स्थित आमबगान मैदान में जुटे जहां से रैली की शक्ल में सभी उपायुक्त कार्यालय पहुचे. जहां कांग्रेसियों ने उपायुक्त कार्यालय की दीवार एवं मुख्य गेट पर चढ़कर नारेबाजी की जिसके बाद जिला मुख्यालय में मौजूद पुलस बलों द्वारा उन्हें ऐसा करने से मना किया गया. थोड़ी देर प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेसियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिले के उपायुक्त के नाम 35 सूत्री मांगो से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल की ओर से महिला मोर्चा की अध्यक्ष आभा सिन्हा ने कहा कि क्षेत्र की जन समस्याओं को लेकर यह आंदोलन किया गया. अन्य गुटों की ओर से चिंतन शिविर का आयोजन किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें चिंतन शिविर की जानकारी नहीं है. संगठन में केवल सोनिया एवं राहुल गांधी को जानती हूं प्रोटोकॉल के तहत जिसने उन्हें बुलाया उसी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने की बातें उन्होंने कहीं. अन्य लोगों की ओऱ से हमें नहीं बुलाया गया तो हम प्रोटोकॉल के तहत लेंगे. पार्टी में कोई बिखराव नहीं है लेकिन कुछ लोग अपने- अपने वर्चस्व को दिखाने का काम करते है. हम जिलाध्य़क्ष पर पूरी आस्था रखते है. इधर पार्टी के शक्ति प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष विजय खां ने कहा कि कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन का का आंकलन मिडिया खुद करे कि कौन वैध है और कौन अवैध. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेता जो मठाधीश हैं उन्हें समझ लेना चाहिए कि यह कार्यकर्ताओं की जीत है. वहीं अन्य गुट की ओऱ से पूरे कोल्हान के कांग्रेसी एक मंच पर दिखे जिसमें पूर्व सांसद बागुन सुम्बुई, राज्यसभा सांसद प्रदीप बलमुचु, झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष रवीन्द्र झा, उपेन्द्र शर्मा, लालबाबू सरदार, समेत वैसे करीब सैकड़ों कांग्रेसियों ने एक सुर में तीनों जिलों के जिलाध्यक्षों को नेतृत्वहीन बताते हुए अविलंब पार्टी आलाकमान से बदलने की मांग की. यहां पार्टी की ओर से विक्षुब्ध कांग्रेसियों का जमावड़ा देखा गया. यह कार्यक्रम बिष्टुपुर स्थित माईकल जॉन प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में पार्टी को पुनः नए सिरे से संगठित करने के लिए परिचर्चा की गई.
