• पांतानांच संथाल समाज के अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है– सांसद
• चंदरपुर मेला में उमड़ी भीड़
जमशेदपुर: पांतानाच संथाल समाज के अमुल्य धरोहर है।इसे
इसे बना कर रखना है।बहरागोड़ा प्रखंड के चंदरपुर में ऐतिहासिक संथाल मेला को संबोधित करते हुए सांसद बिद्युत वरण महतो ने यह वाते कही।मेले मे आयोजित सभा को प्रो रामचन्द्र मंडी,प्रखंड प्रमुख शास्त्री हेम्ब्रम,झामुमो नेता सुरेन्द्र नाथ हांस दास हित कई लोगों ने संबोधित किया।मेला मे भारी भीड़ उमड़ी।चंदरपुर संथाल मेला 150 बर्ष से पुराना है।प्रो रामदास मानडी ने कहा कि 1954 मे मारंग गोम के जयपाल सिंह मुंडा ने इस मेला मे पधारे थे। झारखंड पबंगाल एवं ओडिशा के सीमावर्ती छेत्र से संथाल समाज के लोग इस मेले में भाग लेने के लिए लिए आते हैं।यह मेला संथाली संस्कृति के प्रतीक है।सांसद बिद्युत बरन महतो ने पांतानांच प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नृत्यदलों को पुरस्कार प्रदान किया।रात को संथाली ड्रामा आयोजित की गई।



