अंतिम चरण का मतदान समाप्त, अब मतगणना पर निगाह

देश के चुनावी इतिहास में पहली बार इतने लंबे समय तक चलने वाले चुनावी महासमर का आज अंतिम दिन था। इसके तहत पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश की 41 सीटों के लिए शाम छह बजे तक 66 फीसद मतदान होने की खबर है। अंतिम चरण में भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी वाली सीट वाराणसी में भी मतदान हुआ। अब 16 मई को मतगणना होगी। अंतिम चरण में सुरक्षित और निष्पक्ष मतदान करवाने के लिए पुख्ता तैयारियां की गई थीं।

लोकसभा चुनाव के अंतर्गत सोमवार को अंतिम चरण का मतदान आशंका के अनुरूप पश्चिम बंगाल में रक्तरंजित रहा। पथराव, गोलीबारी और बमबाजी की घटनाओं में 60 से ज्यादा लोग घायल हुए। वहां की 17 सीटों पर वोटिंग हमेशा की तरह बंपर रही। उत्तर प्रदेश की 18 और बिहार की छह सीटों पर छिटपुट घटनाओं के बीच उत्साहजनक मतदान हुआ। नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी वाली वाराणसी सीट पर 56 प्रतिशत मत पड़े, जो 2009 के चुनाव प्रतिशत के 13 प्रतिशत ज्यादा हैं। तीनों प्रदेशों की 41 सीटों पर गर्मी का असर मतदान के उत्साह को प्रभावित नहीं कर पाया।

पूर्वाचल में जमकर हुई वोटिंग

सूरज की तपिश की परवाह किए बिना पूर्वी उत्तर प्रदेश की 18 सीटों पर 55.29 फीसद लोगों ने जाति-पांत से ऊपर उठकर मताधिकार का प्रयोग किया। सबसे ज्यादा 56 फीसद मतदान वाराणसी व जौनपुर सीटों पर जबकि सबसे कम बलिया संसदीय क्षेत्र में हुआ। जौनपुर में दो दलों के बीच जहां हवाई फायरिंग हुई वहीं बलिया में हुए झगड़े में एक आदमी का सिर फूट गया। वाराणसी से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी, आप प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल व आजमगढ़ से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक भविष्य वोटिंग मशीन में दर्ज हो गया।

अजय राय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

आचार संहिता उल्लंघन के मामले में वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी विधायक अजय राय और सगड़ी (आजमगढ़) के विधायक अभय नारायण पटेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अजय के वस्त्र पर उनका चुनाव चिह्न चस्पा था। उन्होंने वही वस्त्र पहने हुए मतदान किया था।

दिग्गजों ने डाले वोट

कोलकाता में सीपीआइ (एम) नेता वृंदा करात, वाराणसी में मुरली मनोहर जोशी, बिहार में सिवान से राजद की उम्मीदवार हीना शहाब, बिहार के बेतिया से बीजेपी उम्मीदवार संजय जयसवाल, टीएमसी नेता डेरिक ओब्रायन, गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ ने वोट डाल दिया है।

ईवीएम में कैद उम्मीदवारों का भाग्य उत्तर प्रदेश की 18, बिहार की छह और पश्चिम बंगाल की 17 संसदीय सीटों पर करीब सात करोड़ मतदाता कुल 606 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद कर दिया। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की वजह से वाराणसी का सियासी पारा काफी चढ़ हुआ है, इसलिए यहां सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के अजय राय वाराणसी में नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोंकी है। सभी दलों के दिग्गजों ने यहां प्रचार के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस वजह से देश के साथ-साथ पूरी दुनिया की निगाहें काशी पर टिक गई थी। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से मैदान में हैं।

इनके अलावा केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, फिल्म निर्देशक प्रकाश झा, कांग्रेस से भाजपा में आए जगदंबिका पाल, भोजपुरी अभिनेता व कांग्रेस प्रत्याशी रवि किशन, कौमी एकता दल के टिकट पर मुख्तार अंसारी और माकपा उम्मीदवार सुभाषिनी अली भी प्रमुख प्रत्याशियों में शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल की जिन 17 सीटों पर मतदान होना है, उनमें से 14 सीटें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पास हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए परीक्षा की घड़ी है। उत्तर प्रदेश की 18 में से छह सीटें सपा के पास जबकि चार बसपा के पास हैं। भाजपा के पास चार और तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं। बिहार की छह में से दो पर जदयू का कब्जा है। दो भाजपा व एक-एक राजद और निर्दलीय के पास है।

अब तक हुए मतदान में मतदाताओं ने जो उत्साह दिखाया है वह अभूतपूर्व है। आठ चरणों में करीब 66 फीसद लोग अपने अधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। आतंकी और नक्सली हमले की कई वारदातों के बावजूद भी उनके कदम नहीं डगमगाए।

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