जमशेदपुर,
लौहनगरी जमशेदपुर में कला और संगीत का एक नया इतिहास लिखा गया. शहर में पहली बार बीटबॉक्सिंग और हिप-हॉप संगीत को जनजातीय संस्कृति के साथ अनोखे अंदाज में पिरोते हुए भव्य कॉन्सर्ट ‘जोहार जैम’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. साकची स्थित जीत परफॉर्मिंग आर्ट्स स्टूडियो में रविवार शाम 4:30 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम ने शहर के संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया.
जनजातीय संस्कृति और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम
‘जोहार जैम’ केवल एक साधारण संगीत संध्या नहीं थी, बल्कि यह झारखंड की स्थानीय जड़ों, जनजातीय पहचान और आधुनिक संगीत के मेल का एक बेहतरीन प्रयास था. इस अनूठे मंच ने राँची, चाईबासा और जमशेदपुर के कलाकारों को एक साथ लाकर स्थानीय कला और संस्कृति को एक नई और आधुनिक पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है.
आरजे मनोज और एंकर शुभम पांडेय ने बढ़ाई शान
कार्यक्रम में झारखंड के प्रसिद्ध रेडियो जॉकी (RJ) मनोज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई. वहीं, कार्यक्रम का संचालन एंकर शुभम पांडेय ने किया. अपनी दमदार एंकरिंग, ऊर्जावान अंदाज और बेहतरीन संवाद शैली से उन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को बांधे रखा और कलाकारों का हौसला बढ़ाया.
12 कलाकारों ने बांधा समां, दर्शकों में दिखा भारी उत्साह
कॉन्सर्ट में कुल 12 प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया. इनमें मुख्य आयोजक चंद्रमोहन सोरेन उर्फ ‘द डार्क वॉइस’ के साथ-साथ विनय कश्यप (काशविन), आरती मृधा, एक्सेल, रैपर एनजीआर, ट्राइबल जी सेवन, लिल फीनिक्स, एमजे सुमित, नेल्सन, डैम बॉय, सेरमा और लकी शामिल रहे.
सभी कलाकारों ने अपनी अलग-अलग संगीत शैलियों, बीटबॉक्सिंग और रैप की ऊर्जावान प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार झूम उठा. युवाओं का उत्साह और दर्शकों की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की सफलता की गवाही दे रही थी.
इन संस्थाओं का रहा विशेष सहयोग
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कई संस्थानों ने मिलकर अपना योगदान दिया:
सहयोगी संस्था: निनाद
आयोजन स्थल सहयोगी: जीत परफॉर्मिंग आर्ट्स स्टूडियो
सोशल मीडिया सहयोगी: जमशेदपुरटेनमेंट
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे आयोजन: चंद्रमोहन सोरेन
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और प्रसिद्ध बीटबॉक्सर चंद्रमोहन सोरेन (‘द डार्क वॉइस’) ने इस शानदार सफलता पर सभी कलाकारों, मुख्य अतिथि, एंकर, सहयोगी संस्थाओं, दर्शकों और संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से झारखंड की प्रतिभाओं को एक साझा मंच देने और स्थानीय संगीत एवं संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने का यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा.
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ‘जोहार जैम’ की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड की मिट्टी में संगीत और कला की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही मंच मिलने पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है.


