
जमशेदपुर।


साकची स्थित ईपीएफओ ऑफिस के सहायक क्लर्क रामनरेश प्रसाद ने ऑफिस में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
उनका शव दो दिनों बाद शुक्रवार को तब पाया गया, जब ऑफिस खुला। वे अंतिम बार बुधवर को ऑफिस गए थे। इस बीच गुरुवार को रथ यात्रा की छुट्टी को लेकर ऑफिस बंद था।
शुक्रवार को ईपीएफओ ऑफिस का ताला खुलने के बाद कर्मचारियों की नजर बाथरुम में फांसी के फंदे पर लटके सहायक क्लर्क रामनरेश प्रसाद के शव पर पड़ी, जिसे देख कार्यालय के कर्मचारी और पदाधिकारी दंग रह गएं। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी सी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरु कर दी गयी। इस बीच जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक 52 वर्षीय रामनरेश प्रसाद सहायक क्लर्क के पद पर कार्यरत थे. लेकिन उनसे पहले पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के तौर पर काम लिया जा रहा था। इतनी ही नहीं, तीन महीने पहले ही उनको एकाउंट्स विभाग में काम करने के लिए भेज दिया गया था, जहां उन पर काम का काफी दबाव था। यही वजह थी कि उन्हें देर रात तक काम करना पड़ता था।मृतक के परिजनो ने बताया कि बूधवार को राम नरेश प्रसाद घऱ से आफिस यह कह निकले थे कि वह ऑफिस से ही एक दोस्त के बेटे में बारात चले जाएगे। शुक्रवार को काम पूरा कर ही घर लौटेंगे, लेकिन किसी को यह नहीं मालूम था कि वह आत्महत्या कर लेंगे। यही वजह रही कि घरवालों ने रात भर घर आने के बाद भी उनकी खोजबीन नहीं की। इस बीच गुरुवार को रथ यात्रा की छुट्टी थी, शुक्रवार की सुबह जब ऑफिस खुला तो सहायक क्लर्क रामनरेश प्रसाद का शव ऑफिस के बाथरुम में फांसी के फंदे से लटका पाया गया। मृतक परसुडीह के गोलपहाड़ी का रहनेवाला था और उसकी तीन बेटियां है। इनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है और एक बेटी की शादी की बात चल रही थी।
वही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एम जी एम अस्पताल भेज दिया है। और मामले की छानबीन कर रही हैं

