
Ranchi

राज्य सरकार ने शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई आपदा प्रबंधन की बैठक में निर्णय लिया है कि शादी विवाह में पांच सौ लोग शामिल होंगे।यही नहीं राहत देते हुए रविवार की बंदी को राज्य सरकार ने समय की बाध्यता खत्म करने का फैसला लिया है। वही राज्यसरकार ने फैसला लिया है कि छठ को लेकर तालाब एवं छट घाटों पर भी किसी तरह का प्रतिबंध होगा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में आज कोविड-19 के मद्देनजर प्रतिबंध/छूट के संदर्भ में आयोजित झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में लिए गए निर्णय:-*
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*1. आउटडोर में 500 से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्रित होना प्रतिबंधित होगा।*
*2. इनडोर में 500 से अधिक व्यक्तियों अथवा हॉल के 50% क्षमता, दोनों में से जो कम हो, से व्यक्तियों का एकत्रित होना प्रतिबंधित होगा।*
*3. 500 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर संबंधित उपायुक्त अथवा उनके द्वारा नामित पदाधिकारियों की अनुमति अनिवार्य होगी।*
*4. मेला/जुलूस और प्रदर्शनी प्रतिबंधित रहेगी।*
*5. रविवार को सामान्य दिनों की भांति दुकानें खोलने की अनुमति होगी।*
*6. दुकान, सिनेमा, क्लब आदि सामान्य अवधि तक खुले रह सकते हैं।*
*7.10वीं एवं उसके ऊपर के वर्ग के छात्रों के लिए कोचिंग की अनुमति होगी।*
*8. आंगनबाड़ी केंद्र खुलेंगे, परंतु संबंधित सेविका और सहायिका का पूर्ण टीकाकरण अनिवार्य होगा।*
*9. खिलाड़ियों के लिए स्विमिंग पूल खोलने की अनुमति प्रदान की गई।*
*10. गत वर्ष की तर्ज पर सार्वजनिक स्थल पर छठ पूजा की अनुमति प्रदान की गई है, जिसमें कोविड गाइडलाइन तथा गत वर्ष की शर्तों का अनुपालन अनिवार्य होगा।*
*11. दुर्गापूजा के तर्ज पर कालीपूजा, चित्रगुप्त पूजा के आयोजन की अनुमति प्रदान की गई।*
*12. खेल-कूद की गतिविधियों में स्टेडियम के क्षमता के 50% दर्शकों की उपस्थिति की अनुमति प्रदान की गई। स्टेडियम में दर्शकों के लिए खाने पीने की अनुमति नहीं होगी।*
*13. सभी सार्वजनिक स्थल पर सदैव मास्क पहनना अनिवार्य होगा।*
*14. आदेश के उल्लंघन की परिस्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।*
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता , मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव वित्त विभाग अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल, कृषि विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीकी, एनआरएचएम के अभियान निदेशक रमेश घोलप उपस्थित थे।

