
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से लुगू बुरु घांटा बाड़ी धोरोम गाढ़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगामी “अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन-2025” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया।


प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सोहराय कुनामी (कार्तिक पूर्णिमा) के शुभ अवसर पर यह भव्य आयोजन टीटीपीएस ललपनिया, बोकारो स्थित लुगू बुरु घांटा बाड़ी धोरोम गाढ़ परिसर में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 3, 4 और 5 नवंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और अनुयायी भाग लेंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि “अंतर्राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन” आदिवासी समुदाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को सशक्त करने का एक प्रमुख मंच है। इस सम्मेलन के माध्यम से सरना धर्म, प्रकृति पूजा और परंपरागत आदिवासी जीवन दर्शन के संरक्षण और प्रसार का संदेश दिया जाता है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
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इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष श्री बबुली सोरेन, सचिव श्री लोबिन मुर्मू, मिथिलेश किस्कू, बिंदे सोरेन (मांझी बाबा, जमशेदपुर), सुरेन्द्र टुडू, बुधन सोरेन, सुखराम बेसरा, मेघराज मुर्मू, संतोष हेंब्रम सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि आगामी महासम्मेलन में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देशों के सरना धर्मावलंबी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और समाजिक एकता पर विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
यह आयोजन झारखंड की आदिवासी अस्मिता, आस्था और परंपरा के गौरवशाली स्वरूप को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।


