रांची।
झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहारों को लेकर राज्य की विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिया कि सभी पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने चाहिए और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे।
सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति या उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
राज्य के सभी संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ इंफॉर्मर्स का नेटवर्क मजबूत करने को भी कहा गया है, ताकि हर गतिविधि की समय पर जानकारी मिल सके।
जुलूस और शोभायात्रा पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जुलूस मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की विशेष निगरानी की जाए। जुलूस से पहले रूट का भौतिक सत्यापन कर सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे किए जाएं। साथ ही शोभायात्रा के दौरान भड़काऊ या उत्तेजक गाने बजाने पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर सख्ती
त्योहारों के दौरान अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता
त्योहारों में महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी को देखते हुए उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित निकालने की पूरी योजना तैयार रखने को कहा गया है।
सेफ जोन और इमरजेंसी तैयारी
जुलूस मार्गों पर जगह-जगह सेफ जोन बनाने और आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और दंगा नियंत्रण उपकरणों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीसीटीवी, ड्रोन और वीडियोग्राफी के जरिए निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन को समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न समुदायों और पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर काम करें। उन्होंने कहा कि सभी त्योहार आपसी सद्भाव और शांति के साथ संपन्न हों, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


