जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने विशेष रूप से अवैध नर्सिंग होम और लिंग जांच करने वाले केंद्रों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की बात कही।
पटमदा और घाटशिला में लिंगानुपात की स्थिति चिंताजनक
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के पटमदा (877) और घाटशिला (877) प्रखंडों में लिंगानुपात सबसे कम है। उपायुक्त ने प्रसव पूर्व अवैध लिंग जांच की आशंका जताते हुए निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में सक्रिय झोला छाप डॉक्टरों, अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों को चिह्नित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
शत-प्रतिशत टीकाकरण और ममता वाहन की उपलब्धता
उपायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए घर-घर सत्यापन करने का निर्देश दिया। बैठक में घरेलू प्रसव के मामलों पर भी चिंता जताई गई:
धालभूमगढ़ (13), डुमरिया (16), मुसाबनी (12) और पटमदा (20) में घर पर हुए प्रसव को देखते हुए उपायुक्त ने नाराजगी जताई।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुँचाया जा सके।
‘प्रोजेक्ट उल्लास’ और कुष्ठ उन्मूलन पर जोर
मिर्गी रोगियों की पहचान के लिए जिला स्तर पर चल रहे प्रोजेक्ट उल्लास की समीक्षा करते हुए इसे और प्रभावी बनाने तथा अधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। वहीं, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इस महीने से शुरू हो रहे P.O.D (प्रिवेंशन ऑफ डिसेबिलिटी) कैंप के माध्यम से कुष्ठ रोग से होने वाली दिव्यांगता को रोकने पर चर्चा की गई।
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विश्व मलेरिया दिवस: ‘जीरो डेथ’ का लक्ष्य
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर उपायुक्त ने Test, Treat और Track का मंत्र दिया।
जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में जिले में 10,952 मलेरिया मरीजों का उपचार हुआ और राहत की बात रही कि एक भी मृत्यु नहीं हुई।
उपायुक्त ने इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के लिए फॉगिंग और जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस उच्चस्तरीय बैठक में सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, डॉ. जोगेश्वर प्रसाद, डॉ. रंजीत पांडा, डॉ. ए. मित्रा, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया सहित सभी एमओआईसी (MOIC) और स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।



