जामताड़ा –बड़े पैमाने पर हो रही है अफीम कि खेती

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कार्रवाई के नाम पर पुलिस कर रही है फसल नष्ट

संवाददाता जामताड़ा

जामताड़ा में इन दिनों अफीम कि खेती बड़े पैमाने पर कि जा रही है. पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके से सटे नक्सल प्रभावित क्षेत्र नाला, कुंडहित एवं बागडेहरी थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव में अफीम के फसल लहलहा रहे है. यह सिलसिला लंबे अर्से से चला आ रहा है और पुलिस  फसल नष्ट करने कि औपचारिकता पूरी कर रही है. लेकिन इसमें शामिल अपराधी आज तक चिन्हित नहीं किये जा सके है.

इन दिनों पुलिस का अभियान अफीम की खेती के विरुद्ध चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में एसडीपीओ राजबली शर्मा और सिविल एसडीओ अखिलेश कुमार सिन्हा ने कुंडहित में अभियान चलाकर अमलादाही, बासबानी सहित  कई गांव में लगे अफीम के फसल को नष्ट करने काम किया है. वही नाला थाना क्षेत्र में बीडीओ ने भी अभियान के तहत कार्रवाई शुरू की और सुन्दरबारी गांव में एक एकड़ फसल को नष्ट किया है.

विदित हो की जामताड़ा जिला में अफिम की खेती का पर्दाफाश लगभग ४ वर्ष पूर्व तत्कालीन एसपी सुनील भास्कर के समय में हुआ था. तब से आज तक प्रत्येक वर्ष अफीम की खेती का मामला सामने आता है लेकिन इस खेती पर अब तक विराम नहीं लग सका है. किसी भी मामले में पुलिस की ओर से किसी को भी नामजद नहीं बनाया जा सका है. गौरतलब है कि जामताड़ा जिला का नाला, कुंडहित रवां बागडेहरी इलाका पश्चिम बंगाल का सीमावर्ती इलाका है और पूरी तरह से नक्सल के चपेट में है. इस संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता है कि अफीम कि खेती में प्रतिबंधित नक्सली संगठन कि सहभागिता के साथ-साथ स्थानीय लोगों कि भी भूमिका है.

बहरहाल पुलिस ने फसल नष्ट करने कि शुरुआत तो कि है लेकिन अभी भी सम्बंधित क्षेत्र के चरकमारा, भेलुवा, दुर्गापुर, इन्द्रापहाड़ी, सुद्रक्षिपुर, भाराबेरिया सहित कई गांव में अभी भी अफीम के फसल लगे है.

 

 

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