
विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त 2022) अंतर्गत जिला के सभी ए0एन0एम0, जी0एन0एम0, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को “मदर अवसोल्युट आफैक्सन- (माँ)” का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सदर अस्पताल में दिया गया।

जमशेदपुर।
विश्व स्तनपान सप्ताह अंतर्गत सभी एएनएम, जीएनएम तथा सीएचओ को स्वास्थ्य विभाग द्वारा माँ प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला के सिविल सर्जन डॉ0 जुझार माँझी के द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि स्तनपान का कोई विकल्प नहीं होता है। माँ का दूध शिशु के लिए अमृत समान है तथा नवजात बच्चों के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम आहार है।
प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित डॉ0 कल्याण महतो ने बताया कि शिशु को जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करे। पहले 6 माह तक केवल स्तनपान कराएँ, क्योंकि यह शिशु के लिए एक सम्पूर्ण आहार है। उन्होंने बताया कि जब शिशु 6 माह का हो जाए तो स्तनपान के साथ-साथ उपरी आहार भी देना आरम्भ करना चाहिए।
मास्टर ट्रेनर के रूप में उपस्थित डॉ0 सोमेन दत्ता ने बताया कि कैसे कर दूध पिलाना चाहिए और कितने अंतराल में पिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उपरी आहार के साथ कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। वहाँ उपस्थित सभी लोगों को “स्तनपान- विकल्प नहीं, संकल्प है” का शपथ दिलाई गई।
इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में वहाँ उपस्थित
सभी लोगों को दोनों प्रशिक्षकों के द्वारा योगा अभ्यास भी कराया गया।


