
जमशेदपुर: कोल्हान की लाइफलाइन माने जाने वाले टाटानगर (Tatanagar) रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से लंबित तीसरी लाइन (3rd Line) के कार्य को लेकर सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) ने सख्त रुख अपनाया है। SCCI अध्यक्ष श्री मानव केडिया ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस लंबित कार्य में शीघ्र गति लाने और आवश्यक ‘मेगा ब्लॉक’ (Mega Block) एवं ‘नॉन-इंटरलॉकिंग’ (NI) कार्य जल्द शुरू करने का आग्रह किया है। चैम्बर ने सवाल उठाया है कि जब राउरकेला में 5वीं लाइन के लिए मेगा ब्लॉक लिया जा सकता है, तो टाटानगर में तीसरी लाइन के लिए इसे क्यों टाला जा रहा है?


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‘राउरकेला की तरह टाटानगर में भी लिया जाए मेगा ब्लॉक’
चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने रेल मंत्री को भेजे पत्र में दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के 30 अप्रैल 2026 को जारी ज्ञापन और रेलवे बोर्ड के मैसेज का संदर्भ दिया है। उन्होंने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हमें आश्वस्त किया गया था कि अप्रैल 2026 के बाद टाटानगर रेलवे क्षेत्र में 3rd लाइन के कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया जाएगा, लेकिन काम की गति बेहद धीमी है। वर्तमान में राउरकेला रूट पर 5वीं लाइन के कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है, तो फिर टाटानगर की उपेक्षा क्यों?”
SCCI ने मांग की है कि राउरकेला में चल रहे NI कार्य के साथ ही टाटानगर की 3rd लाइन का NI कार्य भी तकनीकी रूप से संभव हो तो समानांतर (Parallel) रूप से कराया जाए, ताकि भविष्य में ट्रेनों को बार-बार रद्द या डायवर्ट न करना पड़े।
‘बार-बार ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को होती है परेशानी’
मानव केडिया ने बताया कि रेलवे अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया है कि टाटानगर में मेगा ब्लॉक से होने वाला असर (Repercussions) राउरकेला से कहीं अधिक होगा। यदि ऐसा है, तो रेलवे को पहले से योजना बनाकर काम करना चाहिए। टाटानगर केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान क्षेत्र और बड़े औद्योगिक हब की जीवनरेखा है। बड़ी संख्या में छात्र, व्यवसायी, कर्मचारी और उद्योग कनेक्टिविटी के लिए रेलवे पर निर्भर हैं। बार-बार ट्रेनों के कैंसिलेशन (Cancellation), डायवर्जन और री-शेड्यूलिंग का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ता है।
3rd लाइन से सुधरेगी ट्रेनों की समयबद्धता
SCCI ने स्पष्ट किया कि 3rd लाइन का शीघ्र निर्माण क्षेत्र की लाइन क्षमता (Line Capacity) बढ़ाने, ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने और सुचारू परिचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। चैम्बर ने रेल मंत्री से यह मांग की है कि टाटानगर की 3rd लाइन की वर्तमान स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा कर NI कार्यक्रम जल्द जारी किया जाए और इसे एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।


