जमशेदपुर। साकची गुरुद्वारा साहिब में शनिवार को सिखों के चतुर्थ गुरु श्री गुरु रामदास साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर भव्य महान कीर्तन समागम आयोजित किया गया। इस दौरान गुरबाणी की मधुर स्वर लहरियों से पूरा दरबार हॉल भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में संगत ने परिवार सहित शामिल होकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त कीं।
“धन धन रामदास गुर जिन सिरिया तिनै सवारिया” और “गुर का दर्शन देख देख जिवां, गुर के चरणन धोए धोए पिवां” जैसे पवित्र शबदों के गायन से वातावरण आध्यात्मिक हो गया। संगत ने श्रद्धा और भक्ति के साथ गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया।
अमृतसर से पहुंचे हजूरी रागी ने किया कीर्तन
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के तत्वावधान में स्त्री सत्संग सभा, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था और नौजवान सभा के सहयोग से यह समागम आयोजित किया गया।
समागम में दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहिब भाई गुरचरण सिंह विशेष रूप से जमशेदपुर पहुंचे। उन्होंने अपनी मधुर आवाज में कई गुरबाणी शबदों का गायन कर संगत को निहाल किया।
इस दौरान “विच करता पुरख खलोआ, वाल ना वींगा होआ” सहित कई शबदों की प्रस्तुति हुई। इसके अलावा साकची गुरुद्वारा साहिब के हजूरी रागी भाई नारायण सिंह, भाई निर्मल सिंह (अमृतसर), भाई अमृतपाल सिंह मन्नन और जत्थेदार जरनैल सिंह ने भी गुरबाणी कीर्तन में सहभागिता की।
गुरु रामदास जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संदेश
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा कि श्री गुरु रामदास जी का जीवन सेवा, सिमरन, विनम्रता और मानवता के कल्याण की प्रेरणा देता है। गुरु साहिब की शिक्षाएं समाज को प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तन समागम संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं और गुरबाणी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कमिटी के महासचिव सरदार परमजीत सिंह काले ने कहा कि समागम का उद्देश्य संगत को गुरबाणी से जोड़ना और नई पीढ़ी को सिख धर्म की आध्यात्मिक एवं धार्मिक विरासत से परिचित कराना है।
उन्होंने आयोजन में स्त्री सत्संग सभा, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था और नौजवान सभा की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
गुरु का अटूट लंगर बरताया गया
कीर्तन समागम के दौरान संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर भी निरंतर बरताया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी की ओर से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सेवादारों, जत्थों और संगत का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के मंच का संचालन सुरजीत सिंह सीते ने किया।


