
नई दिल्ली.
देश के बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों, विशेषकर 5-डे बैंकिंग (सप्ताह में 5 दिन काम) के मुद्दे पर केंद्र सरकार, आईबीए (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच आयोजित सुलह-वार्ता बेनतीजा साबित हुई है. उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC) की मध्यस्थता में हुई इस बैठक में कोई ठोस समाधान न निकलने के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने पूर्व घोषित 28, 29 और 30 सितम्बर 2026 की तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर आगे बढ़ने का स्पष्ट फैसला किया है.
5-डे बैंकिंग पर सिर्फ आश्वासन, क्रियान्वयन पर चुप्पी
बैठक में बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों ने मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मार्च 2024 में हुए वेतन पुनरीक्षण समझौते के दौरान ही 5-डे बैंकिंग पर सहमति बन चुकी थी और समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर भी हो चुके हैं. इसके बावजूद इसे धरातल पर उतारने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
दूसरी ओर, भारतीय बैंक संघ (IBA) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि 5-डे बैंकिंग का मामला फिलहाल सरकार के विचाराधीन है और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर निर्णय लिया जाना है. IBA ने इसी आधार पर हड़ताल टालने की अपील की, जिसे UFBU ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि केवल “विचाराधीन” का आश्वासन देकर कर्मचारियों को अनिश्चितकाल के लिए इंतजार नहीं कराया जा सकता.
अधिकारियों पर दबाव और धमकी का कड़ा विरोध
UFBU ने वार्ता के दौरान बैंक प्रबंधनों द्वारा कर्मचारियों और अधिकारियों पर बनाए जा रहे दबाव पर सख्त नाराजगी जताई. यूनियनों ने आरोप लगाया कि स्केल-IV व उससे ऊपर के अधिकारियों तथा प्रोबेशनरी ऑफिसर्स को हड़ताल में शामिल न होने के लिए धमकाया जा रहा है. UFBU ने इसे अनुचित श्रम व्यवहार (Unfair Labour Practice) करार देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे दबाव स्थिति को बिगाड़ सकते हैं.
साथ ही, IBA ने सूचित किया कि सरकार के निर्देशानुसार स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए पीएलआई (PLI) योजना को फिलहाल स्थगित रखा गया है, जिस पर द्विपक्षीय स्तर पर आगे बातचीत होगी.
सरकार और IBA के पाले में गेंद
UFBU के नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार या IBA की ओर से 5-डे बैंकिंग को लागू करने के लिए कोई लिखित और ठोस फैसला आता है, तो आंदोलन पर पुनर्विचार किया जा सकता है. लेकिन महज मौखिक आश्वासन के आधार पर हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी.
कर्मचारियों से एकजुटता की अपील
UFBU ने देशभर की अपनी सभी संबद्ध यूनियनों और सदस्यों से 28, 29 और 30 सितम्बर की तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने का आह्वान किया है. संगठन ने कहा कि यह संघर्ष किसी ग्राहक या बैंकिंग व्यवस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि कर्मचारियों के जायज अधिकारों और हस्ताक्षरित समझौते के सम्मानजनक पालन के लिए है.
बैंकिंग सेवाएं होंगी प्रभावित
आगामी 28 से 30 सितम्बर तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की पूरी संभावना है, जिससे आम जनता को डिजिटल लेनदेन का ही सहारा लेना पड़ सकता है.

