
जमशेदपुर: करीम सिटी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया गया। इस डिजिटल संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के बीच आतंकवाद के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना था। साथ ही, इसके जरिए समाज में राष्ट्रीय एकता, शांति और सद्भावना का संदेश प्रसारित किया गया। इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा: डॉ. आले अली
कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस संयोजक डॉ. आले अली के परिचयात्मक भाषण से हुई। उन्होंने राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस के ऐतिहासिक महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। इसके बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को जागरूक होने और एकजुट रहने की अत्यंत आवश्यकता है।
विद्यार्थियों को राष्ट्रहित और भाईचारे की प्रेरणा
इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने वेबिनार में जुड़े सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। डॉ. मोहम्मद रेयाज ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें सदैव राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की अपील की।
शिक्षा और नैतिक मूल्यों से ही संभव है समाधान: डॉ. मीनाक्षी मुंडा
वेबिनार की मुख्य वक्ता कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा की एनएसएस, जनसंपर्क एवं सामुदायिक आउटरीच निदेशक डॉ. मीनाक्षी मुंडा थीं। उन्होंने अपने व्याख्यान में आतंकवाद के सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय स्तर पर पड़ने वाले घातक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की।
“आतंकवाद जैसी वैश्विक समस्याओं का स्थायी समाधान केवल बंदूक से नहीं, बल्कि सही शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों के प्रसार के माध्यम से ही संभव है।” – डॉ. मीनाक्षी मुंडा
उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रियाओं में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रश्नोत्तर सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन
भाषणों के बाद एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन किया गया। इसका नेतृत्व इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन, सरायकेला के कॉलेज कोऑर्डिनेटर, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी और राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश ने किया। इस सत्र में प्रतिभागियों ने आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों और इसमें युवाओं की भूमिका से जुड़े कई विचारणीय प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा बेहद संतोषजनक और तार्किक उत्तर दिया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सैयद साजिद परवेज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने वेबिनार की सफलता के लिए सभी अतिथियों, आयोजकों और तकनीकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कुल मिलाकर यह वेबिनार अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने युवाओं को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।


