
टाटानगर रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर लावारिस मिलीं टोकरियां
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झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) के ठीक सामने दो लावारिस टोकरियां पाई गईं। शुरुआत में राहगीरों ने इसे सामान्य समझा, लेकिन जैसे ही लोगों की नजर टोकरी के अंदर पड़ी, वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। दरअसल, एक अज्ञात सपेरा दो टोकरियों में बेहद जहरीले सांपों को छोड़कर मौके से फरार हो गया था। सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह थी कि दोनों टोकरियों के ढक्कन खुले हुए थे, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय भाषा में ‘गेहूंअन’ नाम से जाना जाता है यह खतरनाक सांप
टोकरी के अंदर जो सांप मौजूद थे, वे कोई साधारण सांप नहीं बल्कि अत्यंत विषैले कोबरा (Cobra) थे। झारखंड और बिहार के स्थानीय इलाकों में इस सांप को ‘गेहूंअन सांप’ के नाम से भी जाना जाता है। खुले ढक्कन की वजह से सांप किसी भी समय बाहर निकलकर स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों पर हमला कर सकते थे। टाटानगर स्टेशन पर हर वक्त हजारों यात्रियों की आवाजाही रहती है, ऐसे में सांपों के दिखने की खबर आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते स्टेशन परिसर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वन विभाग (Forest Department) और रेस्क्यू टीम ने तत्परता से टाला बड़ा हादसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों और स्टेशन कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची। टीम ने बेहद सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए दोनों खतरनाक कोबरा सांपों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया। इस पूरी घटना की आधिकारिक जानकारी वन विभाग के डीएफओ (DFO) को दे दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए दोनों कोबरा सांपों को मानवीय आबादी से दूर सुरक्षित रूप से घने जंगल में रिलीज (मुक्त) किया जाएगा। समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया और यात्रियों ने राहत की सांस ली।


