जमशेदपुर: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सूर्य मंदिर समिति के महत्वपूर्ण सदस्य स्वर्गीय चंद्रशेखर मिश्रा के आकस्मिक निधन पर सूर्य मंदिर समिति की आमसभा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा में उनके सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और संगठनात्मक योगदान को याद किया गया।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास ने चंद्रशेखर मिश्रा के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर मिश्रा संगठन को मजबूत करने, सामाजिक कार्यों और समाजसेवा के प्रति हमेशा समर्पित रहे। भालूबासा शीतला मंदिर एवं बस्ती विकास समिति के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभाई।
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भालूबासा से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर, जीवनभर बना रहा साथ
रघुवर दास ने कहा कि चंद्रशेखर मिश्रा ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनमें राजनीतिक समझ, सामाजिक सरोकार और आध्यात्मिक विचारों का अनूठा संगम था। उनका पूरा जीवन संगठन, समाजसेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहा।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि चंद्रशेखर मिश्रा के साथ उन्होंने भालूबासा से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक दोनों का साथ बना रहा। उनका अचानक चले जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उनकी कमी संगठन और समाज को हमेशा महसूस होगी।
रघुवर दास ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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सूर्य मंदिर समिति ने बताया अभिभावक और मार्गदर्शक
सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर मिश्रा का आकस्मिक निधन उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद पीड़ादायक है। सूर्य मंदिर समिति के विभिन्न आयोजनों में उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर मिश्रा का स्नेह, मार्गदर्शन और समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। वे समिति के सदस्यों के लिए अभिभावक और कुशल मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे। उनका अचानक चले जाना ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सदस्यों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए शोक व्यक्त किया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।


