
सबल सेंटर सभागार में तृतीय बैच का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न
जमशेदपुर।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम के सौजन्य से एएनएम के तृतीय बैच का कुष्ठ रोग प्रशिक्षण कार्यक्रम सबल सेंटर सभागार, पूर्वी सिंहभूम–जमशेदपुर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, समय पर इलाज और दिव्यांगता की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को और अधिक सक्षम बनाना था।
समय पर इलाज से रोकी जा सकती है दिव्यांगता
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. होस्सानान, सीएमओ, एसएसआरसी रायपुर (छत्तीसगढ़) ने कहा कि कुष्ठ रोग की जल्द पहचान और उचित उपचार से मरीजों में होने वाले रिएक्शन एवं न्यूराइटिस को प्रभावी रूप से मैनेज किया जा सकता है, जिससे स्थायी दिव्यांगता को रोका जा सकता है।
1 अप्रैल 2025 से लागू नई एमडीटी उपचार पद्धति
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने प्रतिभागियों को जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में एमडीटी (Multi Drug Therapy) की नई रिवाइज्ड ट्रीटमेंट रेजीमेन लागू की गई है। उन्होंने बताया कि पहले कुष्ठ रोग के इलाज में चार प्रकार की एमडीटी दवाएं दी जाती थीं, लेकिन अब इसे सरल करते हुए केवल दो प्रकार की एमडीटी दी जाएगी।
14 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों को एडल्ट एमडीटी
14 वर्ष से कम आयु के मरीजों को चाइल्ड एमडीटी
तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी
डॉ. राजीव ने प्रशिक्षण में पेशेंट कार्ड, ट्रीटमेंट कार्ड, सेंसरी टेस्टिंग, बीएमटी, डब्ल्यूएचओ ग्रेडिंग डिसेबिलिटी, पीईपी-एसडीआर और सिंगल डोज रिफाम्पीसिन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी, जिससे एएनएम को फील्ड स्तर पर कार्य करने में सहूलियत मिलेगी।
रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी व पुनर्वास पर चर्चा
इस अवसर पर खगेन दास गुप्ता ने दिव्यांगता रोकथाम, चिकित्सीय पुनर्वास एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सही समय पर रेफरल और सेल्फ केयर से मरीजों का जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सकता है।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त दवा उपलब्ध
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धवड़िया ने कहा कि कुष्ठ रोग का समय रहते इलाज कराने से दिव्यांगता से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुष्ठ रोग की एमडीटी दवाएं सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध हैं।
अगले सत्र में रिएक्शन मैनेजमेंट पर फोकस
श्री खगेन दास गुप्ता ने जानकारी दी कि आगामी प्रशिक्षण सत्र में कुष्ठ मरीजों में होने वाले रिएक्शन के मैनेजमेंट, सेल्फ केयर और सेकेंडरी लेवल रिफरल सेंटर की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जाएगा।
इनका रहा अहम योगदान
प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय के प्रधान लिपिक ऋषिकेश गिरि, खगेन दास गुप्ता, सबल सेंटर से सौमेन साहा, टेनिक महतो, अनीता दास एवं त्रिलोचन जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


