
जमशेदपुर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जमशेदपुर आगमन के ऐतिहासिक 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में एक भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर शहर ने बापू के आदर्शों, उनके अहिंसा के मार्ग और सत्याग्रह की ताकत को याद किया। समारोह में देशभर से आए गांधीवादी विचारकों, लेखकों और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि वर्तमान के चुनौतीपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक हालात में गांधी जी का रास्ता और उनके आदर्श आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं और युवाओं को सत्य के मार्ग पर निडर होकर चलना होगा।


‘युवाओं को उठानी होगी आवाज, Gen Z में दिख रहा गांधी’
समारोह को संबोधित करते हुए बांग्ला की प्रख्यात लेखिका जोया मित्रा ने “एकला चलो रे” की तर्ज पर आगे बढ़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए युवाओं को जिम्मेदारी लेनी होगी, जिसे आज की ‘Gen Z’ (जेन जेड) पीढ़ी उठा भी रही है। जंतर-मंतर पर हो रहे आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सवाल उठाना बंद कर दिया गया है, लेकिन गांधी जी का रास्ता ही इन खराब हालातों से निपटने में सफल हो सकता है।
गांधीवादी समाज सेविका मनीषा बनर्जी ने कहा, “हमारी सबसे भयंकर बात हमारी चुप्पी है, इससे बाहर निकलना होगा। आज के युवाओं के अंदर गांधी फिर से लौट रहे हैं। सवाल करना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।”
“सत्ता का मुकाबला केवल सत्य और साहस से ही होना संभव है। आज देश में झूठ का बोलबाला है, इससे निपटने के लिए सभी को आगे आना होगा।” – चंदन पाल (अध्यक्ष, सर्व सेवा संघ)
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इस ऐतिहासिक अवसर पर डॉ. सुखचंद झा द्वारा लिखित महत्वपूर्ण पुस्तक ‘झारखंड में महात्मा गांधी’ का भव्य विमोचन किया गया। डॉ. झा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस पुस्तक को लिखने के दौरान उन्हें मानसिक रूप से गांधी का सहयात्री होने का अद्भुत अवसर मिला। पुस्तक के प्रकाशक ‘सर्व सेवा संघ प्रकाशन’ के संयोजक अशोक भारत ने बताया कि तमाम मुश्किलों और अपने परिसर को बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने के बावजूद साहित्य का प्रकाशन और गांधीवादी मूल्यों का प्रसार निर्बाध रूप से जारी है।
इस अवसर पर टाटा वर्कर्स यूनियन (TWU) के उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम, झारखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष शंकर राणा और इप्टा के पंकज श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे।
मीडिया डिबेट का बदलता स्वरूप और सम्मान समारोह
कार्यक्रम के दौरान ‘मीडिया डिबेट का बदलता स्वरूप’ विषय पर एक रोचक पैनल डिस्कशन भी हुआ, जिसमें युवा विचारक आयुष चतुर्वेदी, समाजसेवी मंथन, पूर्बी पाल और अनमोल (नेताजी सुभाष वि.वि.) ने हिस्सा लिया। शुभम तन्मय द्वारा संचालित इस चर्चा में इस बात पर चिंता जताई गई कि आजकल टीवी स्टूडियो में बहस कम और शोर की प्रतियोगिता ज्यादा सुनाई देती है।
उत्कृष्ट विद्यार्थियों का हुआ सम्मान: गांधी आगमन के 100 वर्ष के अवसर पर आयोजित पत्र-लेखन, स्लोगन और पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में शामिल हैं:
भाविका मुर्मू, शुभांगी सामद, ऐश्वर्या पराशर, संतोषी मांझी (केरल पब्लिक स्कूल)
वर्षा (एआई डब्ल्यूसी, जमशेदपुर)
कोमल कुमारी (ग्रेजुएट कॉलेज)
सुरभि हरपाल (डीबीएमएस जमशेदपुर)
सुनया चंद्रा (शिक्षक, रामकृष्णन स्कूल)
कार्यक्रम का स्वागत भाषण ओम प्रकाश ने दिया, संचालन अरविंद अंजुम ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अंकुर शाश्वत ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अर्पिता, रईस अफरीदी, विकास कुमार, निलेश, निशान सिंह सहित पूरी टीम का अहम योगदान रहा।



