
जमशेदपुर
टाटा स्टील ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने शानदार वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। चुनौतीपूर्ण वैश्विक बाजार के बावजूद, कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जबरदस्त मुनाफा कमाया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated PAT) सालाना आधार पर 243% की छलांग लगाकर 10,886 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, अकेले भारत में कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग 17% की वृद्धि के साथ 16,133 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
राजस्व और रिकॉर्ड उत्पादन (Revenue and Record Production)
वित्त वर्ष 2026 के दौरान टाटा स्टील का समेकित राजस्व 2,32,140 करोड़ रुपये और एबिटा (EBITDA) 34,848 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सालाना आधार पर 35% का शानदार सुधार हुआ है।
भारतीय कारोबार: भारत में कंपनी ने 1,40,302 करोड़ रुपये का राजस्व और 34,272 करोड़ रुपये का एबिटा (24% मार्जिन) दर्ज किया। भारत में कच्चे स्टील का उत्पादन 23.4 मिलियन टन और डिलीवरी 22.5 मिलियन टन रही, जो अब तक का ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन’ है।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार: नीदरलैंड में राजस्व €6,028 मिलियन रहा और एबिटा लगभग तीन गुना बढ़ गया। वहीं, यूके (UK) में राजस्व £1,978 मिलियन रहा और एबिटा घाटा लगभग आधा हो गया।
नए निवेश और अधिग्रहण (New Investments and Acquisitions)
कंपनी लगातार अपने विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मार्च 2026 में लुधियाना में 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से 0.75 MTPA स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) चालू किया गया है। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए टाटा स्टील ने TMILL में अतिरिक्त 23% हिस्सेदारी 335 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया है। निवेशकों को खुश करते हुए बोर्ड ने 4 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश (Dividend) की भी सिफारिश की है।
मैनेजमेंट का दृष्टिकोण (Management Perspective)
टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और व्यापारिक बाधाओं के बावजूद, कंपनी के परिचालन अनुशासन ने शानदार नतीजे दिए हैं। उन्होंने बताया कि ‘टाटा टिस्कॉन’ अब भारत के 97% जिलों में पहुंच चुका है और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से 8,495 करोड़ रुपये का मर्चेंडाइज वैल्यू प्राप्त हुआ है।
वहीं, कार्यकारी निदेशक और सीएफओ कौशिक चटर्जी ने बताया कि लागत परिवर्तन कार्यक्रम से कंपनी को 10,868 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। वित्तीय अनुशासन के कारण कंपनी का शुद्ध कर्ज (Net Debt) 2,285 करोड़ रुपये घटकर 80,144 करोड़ रुपये रह गया है और कंपनी के पास 45,237 करोड़ रुपये की मजबूत लिक्विडिटी उपलब्ध है।


