
जमशेदपुर,। टाटा स्टील ने एक बार फिर अपनी प्रगतिशील कार्यसंस्कृति और समावेशी दृष्टिकोण का परिचय दिया है। कंपनी की हेड, कॉम्बी मिल ऋचा सिंह को भारतीय इस्पात संघ (ISA) की ओर से जेंडर डाइवर्सिटी अवॉर्ड और जेंडर डाइवर्सिटी आइकॉन अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, विविधता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता और समावेशी कार्यस्थलों के निर्माण में किए गए योगदान का प्रमाण है।
यह पुरस्कार केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने प्रदान किया। इस अवसर पर इस्पात उद्योग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
विविधता और समावेशन को मिली नई पहचान
आईएसए जेंडर डाइवर्सिटी अवॉर्ड की शुरुआत उन नेताओं और पेशेवरों को सम्मानित करने के उद्देश्य से की गई थी, जो कार्यस्थलों पर समान अवसरों और लैंगिक विविधता को बढ़ावा देते हैं। विशेष रूप से महिलाओं और ट्रांस पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा करने, उद्योग में समावेशी माहौल बनाने और समुदायों के साथ गहरा जुड़ाव स्थापित करने जैसे प्रयासों को यह पुरस्कार मान्यता देता है।
ऋचा सिंह को यह सम्मान इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने न सिर्फ टाटा स्टील के भीतर, बल्कि पूरे इस्पात उद्योग में विविधता और समावेशन की दिशा में प्रेरणादायक कार्य किए हैं।
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टाटा स्टील की प्रगतिशील पहल
टाटा स्टील लंबे समय से कार्यस्थल पर समावेशन और विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। कंपनी ने महिलाओं और अल्पसंख्यक समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई नीतियां लागू की हैं। इनमें सुरक्षित और सहयोगी कार्य वातावरण, कौशल विकास कार्यक्रम और समान अवसरों पर विशेष फोकस शामिल है।
ऋचा सिंह को मिला यह पुरस्कार टाटा स्टील के उस विज़न को और मजबूती प्रदान करता है जिसमें समान अवसरों, न्यायपूर्ण भागीदारी और समावेशी उद्योग के निर्माण की परिकल्पना की गई है।
उद्योग के लिए प्रेरणा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान न केवल टाटा स्टील बल्कि पूरे भारतीय इस्पात उद्योग के लिए प्रेरणादायक है। इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि लैंगिक विविधता और समावेशन अब किसी विकल्प का हिस्सा नहीं बल्कि उद्योग की मजबूती और सतत विकास की अनिवार्यता है।
इस अवसर पर टाटा स्टील प्रबंधन ने भी गर्व व्यक्त किया और कहा कि कंपनी आने वाले समय में और भी ठोस कदम उठाकर इस्पात उद्योग को एक संतुलित और प्रगतिशील कार्यक्षेत्र के रूप में स्थापित करेगी।


