
जमशेदपुर: झारखंड और पूर्वी भारत के मरीजों को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हॉस्पिटल के जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए दो नई स्पेशियलिटी क्लीनिक—हैंड ट्रॉमा क्लीनिक और ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी क्लीनिक की शुरुआत की है। इसके साथ ही, TMH ने रोबोटिक तकनीक की मदद से जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की सफल शुरुआत कर झारखंड में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इस पहल से मस्कुलोस्केलेटल से जुड़ी जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अब बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।


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झारखंड में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट की नई शुरुआत
सफल सर्जरी: जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने रोबोटिक तकनीक की सहायता से तीन सफल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी पूरी कर ली हैं। इसके साथ ही TMH झारखंड का पहला ऐसा अस्पताल बन गया है जहाँ यह अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है।
मरीजों को लाभ: रोबोटिक तकनीक की मदद से सर्जन अत्यधिक सटीकता के साथ सर्जरी की योजना बना सकते हैं। इससे मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार इम्प्लांट का सही एलाइनमेंट होता है, सर्जरी के बाद की परेशानी कम होती है और मरीज तेजी से रिकवर होते हैं।
विशेषज्ञ क्लीनिक: हैंड ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी
हैंड ट्रॉमा क्लीनिक (Hand Trauma Clinic):
संचालन: इस क्लीनिक का नेतृत्व डॉ. कुमार राहुल और डॉ. चिरंजीब मिश्रा कर रहे हैं।
सुविधाएं: कार्यस्थल या सड़क दुर्घटनाओं में हाथ और कलाई की गंभीर चोटों (फ्रैक्चर, नसों की क्षति, टेंडन इंजरी आदि) के लिए यहाँ सर्जरी, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल रिहैबिलिटेशन का एकीकृत (Integrated) उपचार उपलब्ध है, जिससे विकलांगता को रोककर मरीजों को जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिलती है।
ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी क्लीनिक (Orthopedic Oncology Clinic):
संचालन: इसका नेतृत्व डॉ. आयुष चौधरी और डॉ. तेजस वी. शेट्टी कर रहे हैं।
सुविधाएं: हड्डी और सॉफ्ट टिश्यू के ट्यूमर (बोन कैंसर) के इलाज के लिए अब मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और पैथोलॉजिस्ट की टीम मिलकर व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है, जिसमें लिंब-साल्वेज और पुनर्निर्माण प्रक्रियाएं शामिल हैं।
इस पूरे विस्तार की परिकल्पना विभाग के हेड डॉ. जयंत कुमार लायक के नेतृत्व में की गई है, जिसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर, सटीक और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है।



