जमशेदपुर।
देश की समृद्ध सांस्कृतिक और शास्त्रीय संगीत की महान विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध जानी-मानी संस्था ‘स्पीक मैके’ (SPIC MACAY) के तत्वावधान में जमशेदपुर में एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुधवार को शहर के प्रतिष्ठित जमशेदपुर पब्लिक स्कूल (जेपीएस) में आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तंत्री सम्राट पंडित सलिल भट्ट और उनके साथ पंडित कौशिक कोनउर ने अपनी शानदार प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई, लय-ताल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुरता से रूबरू कराना था, जिसमें दोनों कलाकारों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
सात्विक वीणा की धुन और राग परमेश्वरी का जादू
कार्यक्रम के दौरान पंडित सलिल भट्ट ने अपने विशेष वाद्य यंत्र ‘सात्विक वीणा’ पर जब अंगुलियां फेरीं, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और संगीत की स्वरलहरियों से गूंज उठा। उन्होंने सात्विक वीणा पर ‘राग परमेश्वरी’ पेश किया, जिसकी सुरीली और आध्यात्मिक धुनों ने वहां मौजूद सभी श्रोताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडित भट्ट ने केवल अपनी प्रस्तुति ही नहीं दी, बल्कि सात्विक वीणा जैसे अनूठे वाद्य यंत्र की बनावट और भारतीय सांस्कृतिक समृद्धि के बारे में स्कूली बच्चों और शिक्षकों को विस्तार से जानकारी भी दी। उन्होंने छात्रों को बताया कि संगीत कैसे एकाग्रता और मानसिक शांति लाता है।
दादा गुरु पंडित रविशंकर और पिता से मिली संगीत की अनमोल शिक्षा
राग परमेश्वरी के बारे में रोचक जानकारी साझा करते हुए पंडित सलिल भट्ट ने बताया कि यह विशेष राग उन्होंने अपने दादा गुरु, विश्वविख्यात सितार वादक भारत रत्न पंडित रविशंकर जी से सीखा है। यह राग स्वयं पंडित रविशंकर की ही एक अद्भुत और मौलिक रचना है। इसके अलावा भी उन्होंने कई अन्य जटिल रागों की मनमोहक प्रस्तुति देकर शास्त्रीय संगीत की विभिन्न विधाओं का शानदार प्रदर्शन किया। पंडित सलिल भट्ट ने वादन शैली की यह विशेष शिक्षा और कला की तकनीकी बारीकियां अपने गुरु और ग्रैमी अवार्ड विजेता पिता पंडित विश्व मोहन भट्ट से प्राप्त की हैं। संगीत की यह महान और विशुद्ध परंपरा उनके वादन में स्पष्ट रूप से झलकती है।
जेपीएस प्रबंधन और स्पीक मैके का सराहनीय प्रयास
कार्यक्रम के सफल समापन पर जमशेदपुर पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल नमीता अग्रवाल ने संस्था स्पीक मैके और पंडित सलिल भट्ट के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय परिसर में इस तरह के उच्च स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर विद्यार्थियों को देश की प्राचीन और समृद्ध संगीत विरासत से सीधे तौर पर अवगत कराना एक बेहद सराहनीय कदम है। इस भव्य और सफल आयोजन में स्पीक मैके की जमशेदपुर इकाई की प्रतिनिधि भारती बनर्जी का भी अत्यंत महत्वपूर्ण और सक्रिय योगदान रहा। संगीत के इस सुरमयी आयोजन ने युवाओं में अपनी कला और संस्कृति के प्रति एक नया सम्मान और गहरा लगाव पैदा किया है।





