
जमशेदपुर: उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कालीमाटी जेम्को आजाद बस्ती में आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप के दूसरे दिन बुधवार को छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। इस विशेष कैंप का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को ‘सीखें, खेलें और सृजन करें’ का मूल मंत्र देकर उनकी छिपी हुई प्रतिभा और हुनर को तराशना है। गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए बच्चे यहाँ न सिर्फ नई चीजें सीख रहे हैं, बल्कि अपने कौशल का प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
शारीरिक फिटनेस और योग से हुई दिन की शुरुआत
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कैंप के दूसरे दिन की शुरुआत विद्यार्थियों की शारीरिक फिटनेस को मजबूत करने वाले सत्रों से हुई। बच्चों को खेलकूद के साथ-साथ वार्म-अप और योग के बेसिक स्टेप्स सिखाए गए। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। सुबह के इस सत्र में बच्चों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरा स्कूल परिसर सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा।
पोस्टर मेकिंग और कला-संस्कृति में बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता
शारीरिक गतिविधियों के बाद रचनात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इसमें पोस्टर मेकिंग, स्वदेशी खेल प्रतिभा और कला-संस्कृति से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पोस्टर मेकिंग में बच्चों ने सामाजिक विषयों, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के महत्व पर बेहद खूबसूरत और संदेशपरक पेंटिंग्स बनाईं। इसके अलावा, पारंपरिक और स्वदेशी खेलों के जरिए बच्चों को अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ने का मौका मिला।
इंडोर गेम्स का बच्चों ने जमकर उठाया आनंद
धूप और गर्मी को देखते हुए स्कूल प्रबंधन द्वारा इंडोर गेम्स की भी बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। इस दौरान बच्चों ने कैरम बोर्ड, लूडो और शतरंज (Chess) जैसे दिमागी और मनोरंजक खेलों का जमकर आनंद उठाया। शतरंज की बिसात पर बच्चे अपनी रणनीतिक सोच का लोहा मनवाते दिखे, तो वहीं कैरम और लूडो की मेज पर उनकी आपसी बॉन्डिंग और खेल भावना देखने लायक थी।
खेल-खेल में निखर रही है बच्चों की रचनात्मकता: प्रधानाध्यापक
विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनंजय श्रीवास्तव ने कहा:
“यह समर कैंप बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है। यहाँ बिना किसी मानसिक दबाव के, खेल-खेल में बच्चों की रचनात्मकता और सोचने की क्षमता निखर रही है। ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के लिए बेहद जरूरी हैं।”
बाल संसद के सदस्यों और शिक्षकों ने संभाली कमान
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और बाल संसद के प्रतिनिधियों ने अहम भूमिका निभाई। शिक्षिका कंचन कुमारी, एंजेलिना टीगा और शिक्षक करनदीप सिंह ने सभी प्रतियोगिताओं के सफल संचालन में बच्चों का मार्गदर्शन किया। वहीं, स्कूल की बाल संसद की सदस्य नंदनी कुमारी और सोनू रजक ने पूरी सक्रियता दिखाते हुए अनुशासन बनाए रखने और वालंटियर के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीन दिवसीय इस कैंप के समापन पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।


