
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनशिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन का कड़ा निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं को लटकाया न जाए और समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित हो।
जमीन विवाद और मापी को लेकर मिले कड़े निर्देश
जनशिकायत निवारण दिवस में भूमि से जुड़े कई मामले सामने आए। जमीन मापी एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी (CO) को नियमानुसार जांच कर जल्द से जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, जमीन अधिग्रहण से जुड़े लंबित मुआवजा भुगतान मामलों में भी संबंधित पदाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि रैयतों को परेशानी न हो।
रोजगार, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं पर फोकस
शिकायत सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (CMEGP) का लाभ दिलाने और बैंकिंग संबंधी समस्याएं भी गूंजीं। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभ से वंचित आवेदकों के मामलों में जिला उद्योग केंद्र को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं, बैंकिंग संबंधी शिकायतों पर उपायुक्त ने संबंधित बैंक प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग पर भी विचार किया गया।
जनहित और विकास कार्यों से जुड़े आवेदनों पर एक्शन
जनसुनवाई में राहरगोड़ा-बारिगोड़ा क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग, सिलिकोसिस पीड़ितों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, आरटीई (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन और सेवानिवृत्त शिक्षक को पेंशन भुगतान जैसे संवेदनशील मामले आए। इसके अलावा पंचायत मंडप निर्माण और सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अबुआ आवास योजना’ से संबंधित आवेदनों पर भी संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त की अधिकारियों को दो टूक: समय सीमा में हो काम
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जनशिकायत निवारण दिवस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्रवाई करें। निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।


