
जमशेदपुर |
झारखंड सरकार द्वारा लागू की जा रही नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत इंटर कॉलेजों को स्कूलों में विलय किए जाने के निर्णय का छात्रों द्वारा तीव्र विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जमशेदपुर में दर्जनों छात्रों ने राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का घेराव कर विरोध दर्ज कराया।


घटना बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार के बाहर की है, जहाँ मंत्री एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के पश्चात जैसे ही मंत्री बाहर निकले, छात्रों ने उन्हें रोककर अपनी आपत्ति जताई और एक ज्ञापन सौंपा।
छात्रों का कहना है कि वे फिलहाल शहर के विभिन्न इंटर कॉलेजों में कक्षा 12वीं में पढ़ाई कर रहे हैं और उनका शैक्षणिक सत्र 2025 में पूरा होगा। ऐसे में सत्र के बीच में उन्हें स्कूलों में ट्रांसफर करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह उनके शिक्षा के अधिकार का भी उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में संस्थान बदलने को तैयार नहीं हैं और अपनी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करना चाहते हैं।
छात्रों ने मांग की कि यदि सरकार नई शिक्षा नीति लागू करना चाहती है, तो इसे 2026 सत्र से लागू किया जाए ताकि वर्तमान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव करेंगे।
National News :हज 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, 31 जुलाई 2025 तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि सरकार छात्रों की पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा कर उचित समाधान निकाला जाएगा।
गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति के तहत झारखंड में डिग्री कॉलेजों में इंटर नामांकन पहले ही बंद कर दिया गया है। इससे न केवल नए छात्रों को दाखिले में परेशानी हो रही है, बल्कि पहले से इंटर में नामांकित छात्रों का भविष्य भी अनिश्चितता में है।

