
जमशेदपुर.

बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबित मांगों के समर्थन में आज पूरे भारतवर्ष में प्रस्तावित हड़ताल रैली का आयोजन किया गया. इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में करीब आठ लाख से अधिक बैंक कर्मी शामिल हुए. बैंक कर्मियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य दिवस लागू करने की है, जो वर्ष 2023 से सरकार के पास विचाराधीन है. बैंक कर्मियों का कहना है कि DEPARTMENT OF FINANCIAL SERVICES (DFS) से लगातार संपर्क और कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है. आंदोलनकारी कर्मियों का आरोप है कि सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन देकर भी मांगों पर अमल नहीं किया गया, जिससे वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
कर्मियों ने तर्क दिया कि एक ओर RBI, SEBI, NABARD, NPCI, FINANCE MINISTRY, CVC, LIC, DFS, IT सेक्टर, स्टॉक एक्सचेंज और अन्य कॉरपोरेट व वित्तीय नियामक संस्थानों में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू हैं, वहीं दूसरी ओर बैंक कर्मियों की समान और जायज़ मांगों पर पिछले तीन वर्षों से कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
जमशेदपुर में UFBU (यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस) जमशेदपुर सेंटर के सभी घटक दलों के शीर्ष नेतृत्व एवं बड़ी संख्या में कामरेडों ने रैली में हिस्सा लिया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया. रैली को सफल बनाने में कामरेड सपन कुमार अदक, सत्यजीत गिरी, स्वीटी कुजूर, दीपक कुमार, पियाली चक्रवर्ती, दिव्यांशु, कुलकांत, रौशन, संजीव रेड्डी, राजीव दास, पी. पाण्डेय, प्रेम, प्रबल टोपनो, सोम प्रकाश, स्वर्णा हेंब्रम, विवेक, धीरज, जनार्दन, सुजय राय, अमित मित्रा, मनोतोष चक्रवर्ती, सी. वी. राव, कमलेश सिंह, रामजी सिंह, प्रदीप, भास्कर, एच. एस. बाग, रितेश सिंह, कुंदन कुमार, विमान दासगुप्ता, संजय, नजमुल हक़, विकास, रवि, अरिंदम, कमलेश, सत्येंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष बैंक कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई.
इसके अलावा निधि, ललिता, गौरी, निशा, पूजा, ईगनिशिया, मंजीत, निवेदिता, सोनी, योगी संतोष, सुबीर, ब्रजेश, दीपक मंडल, सुरेन्द्र पूर्ति, सुब्रतो घोष, जस्टिना, तपन दास, तपन मिश्रा, प्रहलाद लागुरी, रवि रंजन, मकबूल आलम, राशिद हबीब, नूतन बारला, नेहा, प्रज्ञा, असबी नाज, दिव्य लेखा शैल, सरोज कुमार, मनोज पाण्डेय, रोहित सिंह, रोबिन, गौरव राज, विनय वर्मा, दिप्ती ठाकुर, आलोक सहाय, संजय राय, मनीष चौधरी, सौरभ पाल, सौरभ चटर्जी, निशांत चौधरी, हरेंद्र सिंह, सुमित कुमार, ललन, पवन, राजेश सिंह, लीलन दास और ममता मारडी सहित कई कर्मियों ने रैली को सफल बनाने में योगदान दिया.
बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह समेत अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. बता दें कि बैंक यूनियनों ने अपनी लंबित मांगों के मद्देनजर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है.



