
जमशेदपुर: शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा बढ़ते अपराध पर प्रभावी रूप से लगाम लगाने के उद्देश्य से बुधवार, 13 मई 2026 को कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह उच्च स्तरीय बैठक वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस अहम बैठक में पुलिस अधीक्षक (नगर) के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP), पुलिस निरीक्षक (Inspector) और सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में शहर की वर्तमान आपराधिक स्थिति की गहन समीक्षा की गई और पुलिस पदाधिकारियों को कई सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
लंबित कांडों और कुर्की-जब्ती के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
वरीय पुलिस अधीक्षक ने बैठक के दौरान सभी थानों में लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि थानों में दर्ज विगत लंबित कांडों, गिरफ्तारी वारंट और कुर्की-जब्ती के मामलों का शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन किया जाए। इसके अलावा, आम जनता के पासपोर्ट सत्यापन (Passport Verification) की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसे तय समय-सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ड्रग्स पेडलरों और अवैध हथियार तस्करों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
शहर में पनप रहे नशे के कारोबार और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अब पूरी तरह से सख्त मूड में है। अपराध गोष्ठी में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि फरार चल रहे अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। शहर में सक्रिय अवैध हथियारों के तस्करों और युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले ड्रग्स पेडलरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदा व्यक्तियों की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी के लिए विशेष टीम बनाकर काम करने पर जोर दिया गया है।
आगामी ‘बकरीद’ पर्व को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आगामी त्योहारों को लेकर भी पुलिस महकमे ने अभी से रणनीति तैयार कर ली है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने आगामी त्योहार बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मद्देनजर सभी पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। पर्व को आपसी सौहार्द और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने, थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए उपस्थित सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



